बदायूं मर्डर केस: वायरल फोटो में दिखे भारी हथियार, इंस्पेक्टर बोले- 'विधायक या नेता के हो सकते हैं'
बदायूं में एचपीसीएल अधिकारियों की दोहरी हत्या के बाद, मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के भाइयों की हथियारों के साथ तस्वीरें वायरल हुई हैं। मूसाझाग इंस्पेक ...और पढ़ें

पिस्टल व रिवाल्वर लगाए आरोपित अजय प्रताप के सगे व तहेरे भाई। साभार इंटरनेट मीडिया
HighLights
मूसाझाग इंस्पेक्टर बोले एक लाइसेंस की जानकारी, आरोपित के भाइयों के पास होंगे नेताओं और विधायक के असलाह
हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट के दो अधिकारियों की हत्या का मामला, इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे फोटो
जागरण संवाददाता, बदायूं। सैजनी में स्थित एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के नौ दिन बाद भी पुलिस हत्यारोपित या उसके परिवार के शस्त्र लाइसेंसों को लेकर गंभीर नहीं है। अब तक सिर्फ हत्यारोपित अजय प्रताप सिंह के चाचा राकेश सिंह के नाम एक लाइसेंस रायफल का मिला है, वह भी कहां से बना, इसकी जानकारी पुलिस को नहीं है।
इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर हत्यारोपित अजय के सगे व तहेरे भाई के असलाह के साथ फोटो प्रसारित हो रहे हैं। इस संबंध में जब मूसाझाग के इंस्पेक्टर वीरेंद्र तोमर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हो सकता है कि प्रसारित हो रहे फोटो में असलाह नजर आ रहे हैं वह विधायक या किसी नेता के हों।
अब सवाल हैं कि अगर यह असलाह किसी नेता या विधायक के भी हैं तो संबंधित को पकड़ कर पता तो करना चाहिए कि वह कहां से आए और किसके हैं।
12 मार्च को दातागंज तहसील के सैजनी स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारर्पोरेशन लिमिटेड के कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट के उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हत्या के मुख्य आरोपित अजय प्रताप सिंह को पुलिस जेल भेज चुकी है।
इसके अलावा हत्या में शामिल दो अन्य आरोपित जेल जा चुके हैं। इस दोहरे हत्याकांड के बाद एक एक करके आरोपित अजय प्रताप और उनके परिवार के कारनामे सामने आ रहे हैं। उनके द्वारा कब्जाई गई जमीनें, बिजली चोरी, तालाब पर कब्जा सामने आने के बाद अब आरोपित के भाइयों के फोटो प्रसारित हो रहे हैं।
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इन फोटो में आरोपित का सगा भाई केशव पिस्टल के साथ जबकि उसका तहेरा भाई अभय प्रताप सिंह रिवाल्वर लगाए हुए दिख रहा है। इन फोटो के सामने आने के बाद लोगों ने बताया कि अजय के परिवार का हर सदस्य अपने साथ असलाह लेकर चलता था।
गांव में रसूख होने के चलते किसी ने कभी यह नहीं सोचा था कि इनके लाइसेंस नहीं होंगे। लेकिन जब इस हत्याकांड के बाद आरोपित अजय व उसके ताऊ राकेश के परिवार के सदस्यों के लाइसेंसों की जांच हुई तो पता चला कि पूरे परिवार में सिर्फ एक ही लाइसेंसी असलाह रायफल है।
उसका भी पुलिस पता नहीं लगा सकी कि वह कहां से बना है। जिससे निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू हो सके। लेकिन प्रसारित फोटो साफ बता रही हैं कि उनके पास कई अवैध लाइसेंस रहे होंगे। जिनके दम पर वह क्षेत्र में रंगदारी, वसूली और अन्य अनैतिक कार्य करते आ रहे थे।
अब जानिए असलाह के बारे में मूसाझाग इंस्पेक्टर क्या बोले
मूसाझाग इंस्पेक्टर वीरेंद्र तोमर ने बताया कि अब तक सिर्फ राकेश सिंह का ही लाइसेंस मिला है। वह कहां से बना है, इसके बारे में भी अब तक पता नहीं लगा है। कहां का है यह कन्फर्म नही है। यह लाइसेंस जो है वह रायफल का है।
जो फोटो प्रसारित हो रहे हैं, वह विधायक बगैरह के पास रहता होगा। उसी का होगा। फिर बोले नेता का हो सकता है। वर्ष 2018 का फोटो हैं, काफी पहले के हैं।
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