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    बदायूं मर्डर केस: अब आरोपी के ताऊ पर गिरा प्रशासन का 'हथौड़ा', 45 लाख का जुर्माना और 27 दुकानें सील!

    Updated: Sat, 21 Mar 2026 02:15 AM (IST)

    बदायूं हत्याकांड के आरोपी अजय प्रताप सिंह के ताऊ राकेश सिंह पर प्रशासन ने शिकंजा कसा है। पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बनी पांच दुकानें गिराई गईं, जबकि ग्राम ...और पढ़ें

    ग्राम पंचायत की भूमि पर बनी इन्हीं दुकानों को किया गया सील और आरोपित का ताऊ राकेश सिंह

    ग्राम पंचायत की भूमि पर बनी इन्हीं दुकानों को किया गया सील और आरोपित का ताऊ राकेश सिंह

    HighLights

    1. हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट के दो अधिकारियों की हत्या के बाद से कार्रवाई लगातार जारी

    2. ग्राम पंचायत की जमीन पर बना रखीं थीं दुकानें, ध्वस्तीकरण के दौरान सील कराई गईं थी यह दुकानें

    जागरण संवाददाता, बदायूं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट के दो अधिकारियों की हत्या के आरोपित अजय प्रताप सिंह के ताऊ राकेश सिंह पर भी प्रशासन लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। पहले उनकी पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बनी पांच दुकानों को गिराकर मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इसके अलावा उनकी 53 दुकानों में से 27 को सील कराया गया।

    अब इन दुकानों की जांच में पाया गया कि 27 दुकानें ग्राम पंचायत की जमीन पर कब्जा कर बनाई गई हैं। शुक्रवार को पैमाइश के बाद लेखपाल हेम सिंह की ओर से राकेश सिंह पर उप्र राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 के तहत कार्रवाई करते हुए तहसीलदार कोर्ट में मुकदमा डाला है। इसमें राकेश सिंह पर 45 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

    12 मार्च को सैंजनी गांव स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट में सहायक महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हत्या की गई थी। हत्यारोपित अजय प्रताप सिंह के जेल जाने के बाद उसकी व उसके परिवार का कच्चा चिट्ठा प्रशासन ने खोलना शुरू किया था।

    राजनीतिक रसूख होने के चलते आरोपित व उसके ताऊ ने सैजनी गांव व आसपास में अपना साम्राज्य खड़ा कर रखा था। हत्याकांड के बाद आरोपित अजय की छह जबकि उसके ताऊ पूर्व जिला पंचायत सदसय राकेश सिंह की पांच दुकानों का ध्वस्तीकरण कर दिया गया था।

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    राकेश सिंह पर बिजली का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके साथ ही जिला प्रशासन इनकी चिन्हित की गई संपत्ति की लगातार जांच में जुटा था। इसमें तालाब की करीब 35 बीघा भूमि पर भी राकेश सिंह और मुख्य आरोपित अजय प्रताप सिंह के पिता राजेश का कब्जा मिला था। उस जमीन पर फसल बोई गई थी। उसे भी प्रशासन ने नष्ट करा दिया था।

    इसके बाद सैजनी गांव और प्लांट के आसपास जमीनों की जांच की जांच जारी है। फिलहाल शुक्रवार को एसडीएम के आदेश पर क्षेत्रीय लेखपाल हेम सिंह ने सील की गई 27 दुकानों को ग्राम पंचायत की जमीन बताते हुए धारा 67 की कार्रवाई करते हुए दातागंज तहसीलदार कोर्ट में मुकदमा दायर कराया और 45 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

    दातागंज एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अब तसहीलदार कोर्ट में इसकी सुनवाई होगी। अगर राकेश सिहं इस जमीन से जुड़े कागज प्रस्तुत नहीं कर सके तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

    सभी भाई लेकर चलता था असलाह, पुलिस एक नहीं ढूंढ सकी

    प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के आरोपित और उसके परिवार के पास अब तक कितने असलाह हैं, पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर सकी। डीएम एसएसपी ने सिर्फ एक असलाह होने का दावा किया था।

    इस मामले के बाद से जिस तरह आरोपित और उसके परिवार के फोटो असलाह के साथ प्रसारित हो रहे हैं, उससे लगता है कि इनके पास भले ही एक लाइसेंस हो, लेकिन अवैध असलाहों का जखीरा है। लेकिन पुलिस अब तक इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है।

    दोनों अधिकारियों के सामान की सूची बनाकर स्वजन को सौंपा

    सैजनी में स्थित एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के बाद स्वजन शव को पोस्टमार्टम कराकर ले गए थे। लेकिन अब तक उनका सामान पुलिस के पास या प्लांट में पड़ा हुआ था। जिसे पुलिस ने एकत्र कर लिया था। दोनों अधिकारियों के सामान की सूची बनाई गई। इसके बाद अब उसे स्वजन को सौंप दिया गया है।


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