बदायूं: जमीन विवाद में किसान ने हाईटेंशन टावर पर लगाया फंदा, शटडाउन के चक्कर में 6 घंटे लटका रहा शव
बदायूं में एक किसान ने पारिवारिक कलह और शराब की लत से परेशान होकर हाईटेंशन टावर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शटडाउन मिलने में देरी के कारण उसका शव छ ...और पढ़ें

टावर के नीचे छानबीन करती पुलिस और इनसेट में रूपराम उर्फ नन्ने का फाइल फोटो
HighLights
बदायूं में ट्रांसमिशन से शटडाउन मिलने में हुई देरी
शराब का लती था, पारिवारिक कलह में की आत्महत्या
संवाद सहयोगी, बिसौली (बदायूं)। पारिवारिक कलह से परेशान किसान ने हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़कर फंदा लगा दिया। उसका शव छह घंटे उसी टावर पर लटका रहा। ट्रांसमिशन विभाग से शटडाउन लेने के लिए स्थानीय अधिकारी चंदौसी के अधिकारियों से संपर्क करते रहे। इसके बाद शाम को शटडाउन मिलने पर शव उताराजा सका।
रानेट गांव निवासी रूपराम उर्फ नन्हे शराब के आदी थे। एक महीने पहले उन्होंने साढ़े तीन बीघा कृषि भूमि बेच दी थी। स्वजन के अनुसार, बिना जानकारी उन्होंने भूमि बेचकर रुपये रख लिए, ताकि शराब में खर्च कर सकें। इस बात पर परिवार के सदस्यों ने नाराजगी जताई थी।
उनसे कहा कि बेची गई भूमि वापस ले लें, उसकी फसल से परिवार की आजीविका चलती है। वह इस बात पर तैयार नहीं थे, जिस कारण कलह होने लगा। गुरुवार सुबह को वह घर से निकले थे।
फिरोजगार गांव निवासी अखिलेश ने बताया कि दोपहर तीन बजे हुसैनपुर गांव की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में हाईटेंशन लाइन के टावर पर शव लटका देखा। टावर के एंगल पर रस्सी का फंदा बनाकर आत्महत्या की गई थी।
इसकी जानकारी बिसौली थाना प्रभारी कमलेश मिश्रा को दी तो वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने भानपुर बिजलीघर की टीम बुलाई। बिजली अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी।
इसके बाद पता चला कि शव चंदौसी स्थित ट्रांसमिशन ग्रिड से गुन्नौर जाने वाली हाईटेंशन लाइन के टावर है। ऐसे में शटडाउन केवल ट्रांसमिशन विभाग की टीम ही ले सकती है। देर शाम ट्रांसमिशन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
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इसके बाद शटडाउन की प्रक्रिया शुरू हुई। रात नौ बजे शव उतारा गया। कुछ ही देर में उनके बेटे अनमोल व अन्य स्वजन को बुला लिया गया। अनमोल ने बताया कि वह गुरुवार सुबह ही चंडीगढ़ से लौटे थे।
परिवार में कलह चल रहा था, इसी में रूपराम ने आत्मघाती कदम उठा लिया। सीओ अंशुमान श्रीवास्तव ने बताया कि शव लटके होने की सूचना तुरंत बिजली अधिकारियों को दे दी थी।
टावर के आसपास वर्षा का पानी भरा होने एवं बिना शटडाउन लिए टावर पर चढ़ना संभव नहीं था। हर खतरे को ध्यान में रखते हुए बिजली अधिकारियों ने ट्रांसमिशन विभाग से शटडाउन लिया। इसके बाद ही शव उतरवाया जा सका।