बदायूं HP हत्याकांड: 200 गवाह और एक सीन रीक्रिएशन, जानें पुलिस ने चार्जशीट के लिए क्या बुना जाल
बदायूं में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के दो अधिकारियों की हत्या के मामले में पुलिस तेजी से जांच कर रही है। घटना का सीन रीक्रिएशन किया गया और 200 से अधिक गव ...और पढ़ें

घटनास्थल पर जांच करते पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी। जागरण आर्काइव
HighLights
12 मार्च की दोपहर हुए हत्याकांड के पूरे घटनाक्रम को पुलिस की मौजूदगी में काल्पनिक तरह से दोहराया गया
पुलिस की तरफ से प्लांट जुटाए जा चुके सारे साक्ष्य, अब हिंदुस्तान पेट्रोलियम चाहे तो शुरू कर सकता संचालन
जागरण संवाददाता, बदायूं। जिले के लोगों के लिए 12 मार्च का वह दिन जब हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट के दो अधिकारियों की हत्या कर दी गई, कभी न भूलने वाला बन गया। हर कोई चाहेगा कि कभी ऐसी घटना दोबारा जिले में न हो। जिसेस जिले के विकास की रफ्तार रुक जाए। लेकिन इस हत्याकांड की विवेचना के दौरान उस मनहूस घटना को एक बार फिर तब दोहराया गया, जब गवाहों को बयान के लिए लाया जा रहा था।
पूरी घटना का सीन रीक्रिएशन किया गया। घटना के दिन मौजूद लोगों को काल्पनिक रूप से वहां रखा गया। इसके बाद आरोपित के आने, गोली मारकर हत्या करने, घायलों के गिरने और आरोपित के भाग जाने तक की हर घटना काे दोहराया गया।
12 मार्च को सैजनी स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट के उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हत्या कर दी गई थी। हत्यारोपित अजय प्रताप सिंह जेल जा चुका है। पुलिस ने प्लांट के कंपनी के कर्मचारी जीशान अंसारी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की थी।
इसके बाद घटना में आरोपित के दो और साथियों को पुलिस जेल भेज चुकी है। एसएसपी अंकिता शर्मा ने इस मामले की विवेचना में तेजी लाने के लिए जिले में तैनात तीन अनुभवी इंस्पेक्टर मनोज कुमार, नीरज मलिक और सतीश यादव को सहयोग के लिए जांच में शामिल किया।
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इसके बाद से हर छोटे बड़े बिंदु की जांच करते हुए विवेचना में शामिल किया जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि जल्द से जल्द चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल की जाए। इसके लिए पुलिस विवेचना को तेजी से कर रही है। मजबूत साक्ष्य और तथ्यों को शामिल करने के लिए पुलिस ने घटना के समय मौजूद सभी गवाहों के कलमबंद बयान कराए जा रहे हैं।
इसके अलावा उस दिन प्लांट में मौजूद हर एक व्यक्ति के बयानों को दर्ज कराया गया। बताते हैं कि पुलिस अब तक दो सौ से अधिक लोगों के बयान और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज आदि शामिल कर चुकी है। घटना के समय मौजूद गवाहों के कलमबंद बयान वाले दिन ही पुलिस टीम ने हत्याकांड का सीन रीक्रिएशन किया था।
इसकी वीडियोग्राफी आदि भी कराई गई थी। बताते हैं कि अब प्लांट संचालन के लिए तैयार है। अधिकारियों के अनुसार घटना से जुड़े फोरेंसिक साक्ष्य से लेकर अन्य सभी साक्ष्य लिए जा चुके हैं। अगर अब कंपनी के लोग चाहें तो प्लांट संचालन शुरू कर सकते हैं।
शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण से पहले परिवार का मिलना जरूरी
बताते हैं कि अब तक हत्यारोपित और उसके परिवार पर कितने लाइसेंस है, यह पुष्ट नहीं हो सका है। अधिकारियों की मानें तो जब तक हत्यारोपित के परिवार के लोग सामने आकर नहीं बताते तब तक कई चीजें पुख्ता नहीं हो सकती।
पुलिस के लिए उन्हें ढूंढना चुनौती बन चुका है। अंतिम लोकेशन शाहजहांपुर मिलने के बाद आरोपित कहां कोई पता नहीं। बताया गया कि वह नेपाल भाग गए, लेकिन पुलिस को इसके भी सुराग नहीं मिले।
जल्द कराया जाएगा सुरक्षा आडिट
हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों ने सुरक्षा आडिट कराने की बात कही है। इसके लिए वह खुद अपने हिसाब से सुरक्षा आडिट करेंगे। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की टीम के साथ ही सुरक्षा आडिट कराया जाएगा। इसकी प्रक्रिया पुलिस और प्रशासनिक टीम जल्द शुरू करेगी। इसके लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम की टीम आने का इंतजार किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों से काम कराने की चुनौती
हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों के सामने दो चुनौतियां बड़ी होंगी। सबसे पहले उनके वेंडर किस तरह से जुटाएं और लोकल के लोगों से किस तरह से काम कराएं। इसके लिए जिले की पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर पूरा सहयोग किया जा रहा है। वहीं कंपनी के लोग भी चाहते हैं कि स्थानीय लोगों का विकास हो। लेकिन इस घटना ने विचार करने पर मजबूत किया है।
सुरक्षित माहौल की गारंटी को प्लांट के बाहर होगा चौकी का निर्माण
हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट के दो अधिकारियों की हत्या के बाद से अब तक एक ही सवाल है कि मुख्यालय से इतनी दूर गांव के बीच सुरक्षा की क्या गारंटी है। हर बैठक संवाद में यही बात सामने आती है। लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए चौकी स्थापना के आदेश दिए थे।
चौकी तो बना दी गई है। लेकिन चौकी का निर्माण कहां होगा। इस पर सशंय था। अब साफ हो गया है कि चौकी प्लांट के गेट के बाहर बनाई जाएगी। यहां पर चौकी प्रभारी के कक्ष के अलावा दो और भी कमरे बनाए जाने की बात सामने आई है।
बता दें कि एक चौकी प्रभारी के साथ एक उपनिरीक्षक और आठ कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल की यहां तैनाती की गई है। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों ने चौकी के लिए बाहर जमीन देने पर सहमति जता दी है। जब तक चौकी नहीं बनती तब तक प्लांट के बाहर बने कमरे में ही चौकी संचालित होती रहेगी।
पीएमओ को भेजी जा चुकी रिपोर्ट
इस पूरे मामले में घटना के बाद पीएमओ ने रिपोर्ट मांगी थी। डीएम अवनीश राय के मुताबिक पीएमओ से कोई विशेष जानकारी नहीं मांगी थी, उन्होंने सिर्फ घटनाक्रम के बारे में जानकारी मांगी थी, इसके अलावा आगे क्या कार्रवाई की जा रही है। इस बारे में पूछा था। इसकी रिपोर्ट पहले ही बना कर भेजी जा चुकी है।