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बदायूं जेल का 'काला कोना': धूप की एक किरण को तरस रहे ये 3 खूंखार कैदी, अजय प्रताप पर भी पहरा सख्त

Published: Sat, 11 Apr 2026 07:00 AM (IST)

बदायूं जिला कारागार में तीन खूंखार कैदी, रीना, जाने आलम और सुमित, कड़ी निगरानी में एकांत बैरकों में रखे गए ...और पढ़ें

ज‍िला जेल बदायूं

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HighLights

  1. जिला कारागार में बंद हैं तीन शातिर अपराधी, सुबह-शाम केवल आधा घंटा निकाले जाते हैं बाहर


जागरण संवाददाता, बदायूं। एचपीसीएल प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या करने वाला अजय प्रताप भले ही चर्चा का विषय बना हुआ है लेकिन अभी वह जिला कारागार में खूंखार कैदियों की सूची में शामिल नहीं है। हालांकि उसने ऐसा अपराध किया है, जिसकी सजा भी कड़ी होनी चाहिए लेकिन जिला कारागार में उससे अधिक खूंखार अपराधी बंद हैं।

उन्हें केवल सुबह-शाम आधा आधा घंटा बाहर निकाला जाता है। वह धूप तक को तरस जाते हैं। अभी मुख्य आरोपित अजय और उसके शातिर भाई जेल की तन्हाई से बचे हुए हैं। जिला कारागार में करीब 970 कैदी-बंदी मौजूद हैं और उनमें 34 महिला बंदी भी शामिल हैं।

उनके अलावा एक किन्नर भी हत्या के मामले में सलाखों के पीछे है। उसका नाम रीना है और बिनावर का रहने वाला है। उसने 30 अक्टूबर 2024 की रात अपने साथी आदिल और अरबाज के साथ मिलकर अपने गुरू सुनीता की फावड़े से काटकर हत्या कर दी थी।

दरअसल रीना और विनीता बिनावर में एक ही मकान में रहते थे। वहां आदिल और अरबाज भी रीना से मिलने आते थे और एक साथ बैठकर शराब भी पीते थे। सुनीता इसका विरोध करती थी। इसी वजह से उसकी हत्या कर दी गई। रीना को जिला कारागार में अलग बैरिक में रखा गया है। उसे केवल सुबह-शाम आधा-आधा घंटा बैरिक से निकाला जाता है।

दूसरा अपराधी जाने आलम है, जिसने बिल्सी कस्बे में एक छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी थी और उसके शव को खंडहरनुमा मकान में छिपा दिया था। जाने आलम को मृत्युदंड की सजा हो चुकी है। उसे अलग एकांत बैरिक में रखा गया है। उसे भी आधा-आधा घंटे के लिए बाहर निकाला जाता है।

मुरादाबाद के सुमित पर विशेष निगरानी

तीसरा शातिर अपराधी मुरादाबाद का सुमित है, जो वर्ष 2019 में जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया था। अभी कुछ समय पहले सिविल लाइंस थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल की सलाखों के पीछे है लेकिन अब उसकी ज्यादा निगरानी की जा रही है। उसे एकांत बैरिक में रखा गया है और केवल आधा आधा घंटा सुबह-शाम बाहर निकाला जाता है।

हर सप्ताह बदली जाती है लंबरदारों की ड्यूटी

इन शातिर अपराधियों की निगरानी पर जिन लंबरदारों को लगाया गया है। उन्हें भी हर सप्ताह बदल दिया जाता है। शातिर अपराधी कोई मेलजोल न बढ़ा सकें। वह दूसरों से बात न कर सकें, इसके लिए भी हर समय नजर रखी जाती है।

अधिकारियों की हत्या के आरोपित भी रखे जा रहे विशेष निगरानी में

एचपीसीएल प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या करने वाला मुख्य आरोपित अजय प्रताप सिंह व अन्य आरोपित भी विशेष निगरानी में रखे जा रहे हैं। इस मामले में अब तक अजय प्रताप के अलावा उसके सहयोगी धर्मेंद्र यादव, मुनेंद्र विक्रम व अजय प्रताप के भाई चंद्रशेखर व केशव भी जिला कारागार पहुंच गए हैं। सभी को विशेष निगरानी में रखा जा रहा है।

 

इस समय जिला कारागार में तीन शातिर अपराधी है। जिन्हें विशेष बैरिक में रखा जा रहा है। उन्हें सुबह शाम आधा-आधा घंटा बाहर निकाला जाता है। उन पर हर समय निगरानी रहती है। एचपीसीएल प्लांट में हत्या करने वाले आरोपितों को भी विशेष निगरानी में रखा जा रहा है।

- राजेंद्र प्रसाद, जेल अधीक्षक


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