किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी गुड्डू को कठोर कारावास, भारी जुर्माने से भी लगा झटका
बदायूं में पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश ने नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी गुड्डू को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 22 ह ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
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विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट की न्यायाधीश ने सुनाई सजा, 22 हजार रुपये का जुर्माना डाला
जागरण संवाददाता, बदायूं। नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपित को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कक्ष एक की न्यायाधीश मिर्जा ज़ीनत ने दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई हे। इसके साथ ही दोषी पर 22 हजार रुपये का जुर्माना डाला है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 11 सितंबर 2017 को एक व्यक्ति ने तहरीर देते हुए थाना उघैती पुलिस को बताया था कि उनकी 13 वर्षीय बेटी, जो कक्षा 9 की छात्रा है। सात सितंबर 2017 को सुबह आठ बजे उघैती के एक स्कूल में घर से पढ़ने आई थी। जब घर वापस नहीं पहुंची तो उसने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने पर लिखवा दी।
अब तक तलाश करता रहा वह नहीं मिली। गांव के अशोक व विजेंद्र ने बताया कि उसकी बेटी को सुजानपुर का गुड्डू और माऊ, बंटी निवासी गड़ महानगर थाना उघैती व गणेश निवासी खंडुआ थाना उघैती द्वारा बहला-फुसलाकर ले गए हैं। उन्होंने टंकी के पास उघैती की तरफ ले जाते देखा था।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तालश की। किशोरी को बरामद कर उसके बयान दर्ज कराए गए। जिसमें उसने बताया कि गुड्डू उसे बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गया था। वहां एक कमरे में काफी दिनों तक रखा और उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। फिर वह उसे नरैनी चौराहे पर छोड़ कर चला गया।
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न्यायालय में गुड्डू पुत्र सुरेश निवासी ग्राम सुजानपुर थाना बिसौली पर नाबालिग लड़की को बहला-फुसला कर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप का मुकदमा चलाया गया।
न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। अपर शासकीय अधिवक्ता अरविंद लाल व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के पश्चात उक्त आरोप में दोषी पाते हुए उसे सजा सुनाई है।
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