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    बदायूं-बरेली के 200 करोड़ के घोटालेबाज भाइयों को बड़ा झटका! हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका, अब गिरफ्तारी तय

    Updated: Mon, 13 Apr 2026 06:34 PM (IST)

    बदायूं-बरेली के 200 करोड़ रुपये के घोटालेबाज भाइयों शशिकांत, सूर्यकांत और श्रीकांत को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। उनकी याचिका खारिज होने से गिरफ्ता ...और पढ़ें

    घोटालेबाज शशिकांत व सूर्यकांत

    घोटालेबाज शशिकांत व सूर्यकांत

    HighLights

    1. निवेशकों का रुपया लौटना नहीं चाहते घोटालेबाज शशिकांत, सूर्यकांत और श्रीकांत

    जागरण संवाददाता, बदायूं। जिले में 200 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले घोटालेबाज भाइयों को हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली। अब उनकी गिरफ्तारी की राह और आसान हो गई है। पुलिस को भी उन्हें गिरफ्तार करने का रास्ता मिल गया है लेकिन अब निवेशकों को रुपया मिलना मुश्किल हो गया है। घोटालेबाज भाई बेईमान हैं और वह निवेशको का रुपया लौटना नहीं चाहते। परंतु उन्हें इसका परिणाम जरूर भुगतना पड़ेगा। बरेली निवासी घोटालेबाज शशिकांत और उसके भाई सूर्यकांत व श्रीकांत काफी शातिर हैं।

    सूर्यकांत बरेली में भाजपा नेता था। जब यह मामला सामने आया था, तब उसे कार्यकारिणी से निकालकर बाहर कर दिया गया था। कई दिनों तक शशिकांत और उसके भाई रुपये लौटाने का आश्वासन देते रहे थे लेकिन निवेशक लगातार उनके कार्यालय पर चक्कर लगा रहे थे।जब मई 2025 में आरोपित अपना कार्यालय बंद करके भागे।

    तब यहां के निवेशकों ने एसएसपी कार्यालय से लेकर बरेली एसएसपी कार्यालय तक धरना प्रदर्शन किया। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा। इससे आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। तीनों भाइयों समेत कई आरोपितों पर बदायूं में चार और बरेली में भी कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने इन मुकदमों से और गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में शरण ली थी।

    मगर हाईकोर्ट ने भी दूध का दूध पानी का पानी कर दिया। उनकी याचिका ही खारिज कर दी गई। इससे सभी आरोपितों को तगड़ा झटका लगा है। अब उनकी गिरफ्तारी का रास्ता भी खुल गया है लेकिन यह बात भी तय हो गई है कि आरोपित निवेशकों का रुपया लौटना नहीं चाहते। इससे निवेशकों का रुपया मिलना और मुश्किल हो गया है। अब आरोपितों पर कार्रवाई भी तय हो गई है।

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    हाईकोर्ट ने दिया था रुपये लौटाने का आदेश, आरोपितों ने नहीं माना

    अभी कुछ दिन पहले हाईकोर्ट ने आरोपितों को निवेशकों का रुपया लौटने का आदेश दिया था। तब निवेशकों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। उन्हें लगा था कि हाईकोर्ट के आदेश पर आरोपित उनका रुपया लौटा देंगे, जिससे कम से कम उनका खर्चा चल सकेगा और जो उन्होंने रुपया ने गंवाया है, वह उन्हें प्राप्त हो जाएगा लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद ऐसा नहीं हुआ। आरोपियों ने किसी भी निवेशक का रुपया नहीं लौटाया। यह देखकर हाईकोर्ट ने भी उनकी याचिका खारिज कर दी।

     

    अमर ज्योति चिटफंड कंपनी के मालिक काफी शातिर हैं। वह किसी का रुपया लौटना नहीं चाहते। वह बेईमान हैं। इसी वजह से हमने कार्रवाई की मांग की। हाईकोर्ट में भी लगातार पैरवी की। अब पुलिस अधिकारियों से मिलकर उन्हें गिरफ्तार कराने की मांग करेंगे।

    - अरविंद पाल सिंह परमार, वकील


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