हाथ से न निकल जाए मौका! ₹5,200/मीटर में गंगा एक्सप्रेस-वे किनारे जमीन, देखें बदायूं में प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया
गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण से पहले बदायूं के घटपुरी में औद्योगिक भूखंडों का आवंटन शुरू हो गया है। यूपीडा द्वारा ₹5200 प्रति वर्ग मीटर की दर से भूखं ...और पढ़ें

घटपुरी के पास तैयार हो रहे कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करते डीएम व अन्य अधिकारी
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बदायूं में गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे घटपुरी से शुरू हुआ भूखंड आवंटन, अब तक निवेशकों ने दिखाई दिलचस्पी
जागरण संवाददाता, बदायूं। गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण से पहले प्रदेश में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने गंगा एक्सप्रेस-वे पर औद्योगिक, वाणिज्यिक और लाजिस्टिक केंद्र (आइएमएलसी) विकसित किए जा रहे हैं।
जिले के घटपुरी में तय किए गए औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंड आवंटन प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रथम चरण में जिले में यह दर 5200 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई है। इसी के चलते घटपुरी ही उदघाटन पर कार्यक्रम किया जा रहा है। जिले में घटपुरी, पापड़ और वनकोटा इंटरचेंज के आसपास तीन औद्योगिक क्षेत्रों की योजना है।
इसमें सबसे पहले घटपुरी क्षेत्र को विकसित किया जा रहा है। यहां भूखंड आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और उद्यमियों से आवेदन भी आने लगे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार अब तक 15 निवेशकों ने रुचि दिखाई है, जबकि कुछ समय पहले यह संख्या केवल सात थी।
गंगा एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन की तिथि घोषित होने के बाद निवेशकों की सक्रियता बढ़ी है। संभावना जताई जा रही है कि 29 अप्रैल को प्रस्तावित उद्घाटन के दौरान बड़े निवेशकों के नामों की भी घोषणा हो सकती है। बदायूं में करीब 50 से अधिक उद्योग स्थापित होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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छह जिलों में पहले चरण में भूखंड आवंटन पर जोर
यूपीडा ने मेरठ, उन्नाव, बदायूं, संभल, हरदोई और शाहजहांपुर समेत छह जिलों में पहले चरण में भूखंड आवंटन पर जोर दिया है। इन क्षेत्रों में औद्योगिक, वाणिज्यिक और लाजिस्टिक केंद्र (आइएमएलसी) विकसित किए जा रहे हैं। प्राधिकरण ने निवेशकों से आनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं और उन्हें आकर्षित करने के लिए विभिन्न सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
लाखों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना
सरकार की इस महत्वपूर्ण परियोजना 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई है। गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को जोड़ेगा। इससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी और औद्योगिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। अनुमान है कि इन औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश से दस लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सकता है।
अलग-अलग जिलों में तय दरें
औद्योगिक भूखंडों की दर मेरठ में सबसे अधिक 11147 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित की गई है। वहीं उन्नाव में 5250, बदायूं में 5200, संभल में 5000, शाहजहांपुर में 4400 और हरदोई में 3800 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर तय की गई है।
बदायूं में भूमि अधिग्रहण की स्थिति
बदायूं में औद्योगिक विकास के लिए करीब 269 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। इसके अलावा मेरठ में 529 एकड़, संभल में 591 एकड़, उन्नाव में 333 एकड़, हरदोई में 335 एकड़ और शाहजहांपुर में 252 एकड़ भूमि तैयार की गई है।