नींद आते ही खुद जगाएगी सड़क! गंगा एक्सप्रेस-वे की 'मैजिकल' रेडियम पट्टियां बचाएंगी आपकी जान
गंगा एक्सप्रेस-वे अब सुरक्षित और आरामदायक यात्रा के लिए तैयार है, जिसमें 700 से अधिक हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे और 120 किमी/घंटा की गति सीमा जैसी सुविधाएँ ...और पढ़ें

गंगा एक्सप्रेस-वे
HighLights
अवैध कट न बेसहारा पशुओं का खतरा, ब्रेक लगाने की भी नहीं होगी आवश्यकता
सुरक्षा से लेकर सुविधा तक का ध्यान, पेट्रोल पंप, होटल व वाहन सर्विस सेंटर भी बने
शाहजहांपुर। बस कुछ घंटे और और इंतजार...। सुरक्षित व आरामदेह सफर का नया अनुभव देने के लिए गंगा एक्सप्रेस वे तैयार है। न कोई कट न बेसहारा पशुओं का डर...। टेंपो, बाइक या ट्रैक्टर ट्राली जैसे वाहन भी राह में नहीं आएंगे। मेरठ जाना हो या प्रयागराज, अपनी मंजिल तय करने के लिए 120 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से वाहन चला सकेंगे।
अंतरराष्ट्रीय मानकों पर डिजाइन इस सड़क पर (विशेष परिस्थितियों को छोड़कर) ब्रेक लगाने की जरूरत तभी होगी जब आप चाहेंगे। जिले की सीमा में लगे 700 से अधिक हाईटेक सेंसर से लैस सीसीटीवी न सिर्फ सफर को सुरक्षित बनाएंगे बल्कि ओवरस्पीड व अधिक भार लादने पर चालान भी काट देंगे।
29 अप्रैल को उद्घाटन के बाद इस पर सुहाने सफर का आनंद ले सकेंगे...। गंगा एक्सप्रेस वे पर जलालाबाद से हरीश गुप्ता के साथ अंबुज मिश्र की रिपोर्ट।
प्रयागराज से मेरठ को जोड़ने वाले 594 किमी. लंबे एक्सप्रेस का 44 किमी. हिस्सा शाहजहांपुर में है। जो बदायूं सीमा पर कुनिया चचौरा गांव से शुरू होकर हरदोई सीमा पर आजमपुर गांव पर समाप्त होता है। इसकी शुरुआत शाहजहांपुर-फर्रुखाबाद मार्ग पर जलालाबाद से होती है।
यहां के कलक्टरगंज गांव पहुंचेंगे तो एक किमी. पहले ही एक्सप्रेस वे नजर आना शुरू हो जाएगा। इंटरचेंज पर चढ़ते ही कुछ दूरी तय करने पर टोल मिलेगा, इसके पार करते ही शुरू होती है प्रयागराज व मेरठ के लिए यात्रा...। छह लेन के इस एक्सप्रेस पर कुछ ही मिनटों में अधिकतम गति सीमा 120 किमी. हो जाती है।
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इससे कम गति होने पर लेन बदलती जाएंगी। दोनों ओर दूर-दूर तक फैली हरियाली के बीच बेहतर गुणवत्ता वाली इस सड़क पर जिले की सीमा में सफर कब पूरा होता है पता ही नहीं चलता। एक्सप्रेस वे पर जलालाबाद से प्रयागराज की दूरी 367 किमी. है जो चार घंटे से भी कम समय में पूरी हो जााएगी।
इसी तरह मेरठ तक 272 किमी. की दूरी तय करने में अधिकतम तीन घंटे लगेंगे। वर्तमान में मेरठ जाने के लिए छह से सात व प्रयागराज के लिए सात से आठ घंटे समय लगता है। प्रयागराज या मेरठ ही नहीं अमरोहा, हापुड़, हरदोई, बदायूं, उन्नाव जाने के लिए भी यह सीधा रास्ता होगा।
बात सुरक्षा की करें तो जगह-जगह गति नियंत्रण के लिए एलईडी डिस्प्ले बोर्ड यातयात नियमों के पालन की याद दिलाते हैं। गति नियंत्रण में रहे इसके लिए हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जो 120 किमी. से अधिक गति होने या क्षमता से अधिक भार ढोने वाले वाहनों की नंबर प्लेट को यह कैमरे तत्काल नंबर ट्रेस कर लेंगे, इसके साथ ही चालान कट जाएगा। जिसका संदेश वाहन चालक के मोबाइल पर पहुंच जाएगा।
रात वाहन चलाते समय अगर चालक को झपकी आने या कोहरे में लेन से हटकर सड़क किनारे जाते ही विशेष तरह से तैयार की गईं रेडियम पट्टी तत्काल सचेत कर देंगी। एक्सप्रेस वे पर जिले में सिर्फ एक टोल प्लाजा बनाया गया है, जिसे राजस्थान की लाजिक मो एंड टोल वे एक्सपर्ट कंपनी ने तैयार किया है।
कंपनी के राजेश चौहान ने बताया कि यहां पर हाईसेंसर लगाए गए हैं जो वाहन के नंबर व उसके फास्टैग को पहले ही ट्रेस कर लेंगे, जिससे केबिन के नजदीक आते-आते बूम खुल जाएगा। टोल के पास पलवल की गोयल कंपनी ने कंट्रोल रूम तैयार किया है, यहां से सभी कैमरों का संचालन व निगरानी होगी।
यहां पर सर्वर रूम कर्मचारियों की डारमेट्री के अतिरिक्त शौचालय व प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा रहेगी। सर्विस रोड व एक्सप्रेस वे के बीच बाउंड्रीवाल व खाई बनाई गई है। ताकि कोई बेसहारा पशु या अन्य कोई अनाधिकृत वाहन एक्सप्रेस वे पर न आ सकें। स्थानीय लोगो के आवागमन के लिए सर्विस लेन बनाई गईं हैं।
अंतिम चरण में तैयारियां
29 अप्रैल को हरदोई में होने वाले उद्घाटन समारोह से पहले तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यूपीडा के अधिकारी भी समय-समय पर निरीक्षण कर रहे हैं। डिवाइडर पर पट्टियों की रंगाई, रिफ्लेक्टर आदि लगाने का काम हो चुका है। लाइटें व बीच में पौधे भी लगाए जा चुके हैं।
होटल व पंप से लेकर अस्पताल की सुविधा
इंटरचेंज के दूसरी ओर ढका गांव में विश्राम गृह बनाया गया है। जहां पर होटल, रेस्टारेंट के साथ ही अस्पताल की सुविधा भी रहेगी। अगर वाहन की सर्विस करानी है तो उसके लिए भी सेंटर बनाया गया है। वाहन में पेट्रोल या डीजल डलवाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। इसके लिए यहां पर पंप बनाया जा रहा है।
सुरक्षा से लेकर औद्योगिक विकास
आपात स्थिति में विमानो को उतारने के लिए यहां पीरू गांव में साढ़े तीन किमी. लंबी हवाई पट्टी बनाई गई है। इसके दोनों ओर लोहे की जाली का बैरिकेड लगाए गए हैं। ताकि काेई भी आवागमन न हो सके। इसके अतिरिक्त उबरिया में औद्योगिक गलियारे का निर्माण हो रहा है। जो जनपद के औद्योगिक विकास काे रफ्तार देगा।
एक्सप्रेस वे बनकर तैयार हो गया है। पेट्रोलिंग टीम के अतिरिक्त यहां पर हाईटेक सेंसर वाले कैमरे लगाए गए हैं जो एक्सप्रेस की निगरानी करेंगे। ओवर स्पीड या ओवरलोडिंग वाले वाहनों का स्वत: चालान कट जाएगा।
- अमन तिवारी, प्रशासनिक अधिकारी गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना
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