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    बदायूं के इन युवाओं ने मोबाइल को बनाया कमाई का जरिया, रील्स और ब्लॉगिंग से हर महीने कमा रहे लाखों!

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 06:00 AM (IST)

    बदायूं के युवा अब इंटरनेट मीडिया को मनोरंजन से अधिक कमाई का जरिया बना रहे हैं। स्मार्टफोन और बेसिक एडिटिंग से रील्स, ब्लॉगिंग व कॉमेडी के जरिए वे हर म ...और पढ़ें

    यूट्यूब का गोल्ड बटन दिखातीं वैष्णवी पटेल और सिल्वर बटन दिखाते मनोज कुमार।

    यूट्यूब का गोल्ड बटन दिखातीं वैष्णवी पटेल और सिल्वर बटन दिखाते मनोज कुमार।

    HighLights

    1. कैमरा फेस करने की स्किल और बेसिक एडिटिंग की समझ से बनाया जा सकता है शानदार करियर

    आशीष देव मिश्रा, बदायूं। : जिले में इंटरनेट मीडिया अब सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहा, बल्कि युवाओं की कमाई का जरिया बन चुका है। नवाचार के इस दौर में जिले के डिजिटल क्रिएटर्स कामेडी वीडियो, रील और फूड ब्लागिंग के जरिए हर महीने लाखों रुपये बटोर रहे हैं। स्मार्टफोन और इंटरनेट का सही इस्तेमाल कर इन युवाओं ने बेरोजगारी को मात दी है और सफलता की नई इबारत लिख रहे हैं।

    जिले के युवाओं में इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर बनने की होड़ मची है। महंगे गैजेट्स के बिना, सिर्फ अपने स्मार्टफोन से बेहतरीन वीडियो एडिटिंग कर ये क्रिएटर्स लाखों व्यूज हासिल कर रहे हैं। विशेषकर फूड ब्लागिंग और देसी कामेडी के क्षेत्र में जिले के युवाओं का जलवा है।

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    कल तक जिन्हें मोबाइल में वक्त जाया करने वाला समझा जाता था, आज वे अपनी प्रतिभा के दम पर आत्मनिर्भर बन चुके हैं। यह डिजिटल क्रांति उन युवाओं के लिए बड़ी सीख है जो सिर्फ रील्स देखने में डेटा और समय गंवाते हैं।

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    क्रिएटर्स का कहना है कि यदि किसी के पास कैमरा फेस करने का हुनर है और हल्की-फुल्की एडिटिंग जनता हैं, तो कंटेंट क्रिएशन उसके लिए एक बेहतरीन करियर आप्शन है। यह प्लेटफार्म न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बना रहा है, बल्कि स्थानीय टैलेंट को ग्लोबल पहचान दिलाकर जिले में डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप की नई राह दिखा रहा है।

    खबरें और भी

    मनोज कुमार, जिले के पहले फूड ब्लाॅगर

    जिले के जाने माने फूड ब्लागर मनोज कुमार इंटरनेट मीडिया पर एक जाना-माना नाम हैं, जिनके फेसबुक पेज पर 2.82 लाख से अधिक फालोअर्स हैं। अपनी यात्रा साझा करते हुए मनोज ने बताया कि जब उन्होंने फूड ब्लागिंग की शुरुआत की थी, तब इस क्षेत्र के बारे में लोग न के बराबर जानते थे। वे जिले के पहले फूड ब्लाॅगर हैं, जिन्हें देखकर आज कई युवा इस क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। नए क्रिएटर्स को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में आने के लिए केवल एक मजबूत इरादे, एक बेहतर कैमरे और एक माइक की आवश्यकता होती है, निरंतरता से सब ठीक हो जाता है

    वैष्णवी, बदायूं क्वीन

    मूसाझाग थाना क्षेत्र के ग्राम बेला की रहने वाली वैष्णवी पटेल आज ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं। दो वर्ष पूर्व बिना मोबाइल के सफर शुरू करने वाली वैष्णवी को उनके माता-पिता ने स्मार्टफोन दिलाया था।

    शुरुआती दौर में टिकटाॅक व अन्य चीनी ऐप्स बंद होने से उन्हें बड़ा झटका लगा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। वर्तमान में मोज ऐप पर उनके 21 लाख और इंस्टाग्राम पर 1.14 लाख से अधिक फालोअर्स हैं। बदायूं क्वीन के नाम से प्रसिद्ध वैष्णवी का मानना है कि उनकी यह सफलता साबित करती है कि महिलाएं हर प्लेटफार्म पर निडर होकर आगे बढ़ सकती हैं।

    आशीष यादव उर्फ झम्मन लाल

    उसावां क्षेत्र के लोकप्रिय डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और कामेडियन आशीष यादव उर्फ झम्मन लाल आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। अपने मशहूर यूट्यूब व फेसबुक चैनल भोपा टीवी पर झम्मन लाल का काल्पनिक हास्य किरदार निभाकर वे बेहद लोकप्रिय हुए हैं। उनके फेसबुक पेज पर 10 लाख और यूट्यूब पर 1.2 लाख सब्सक्राइबर्स हैं।

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    आशीष ने बताया कि शुरुआती दिनों में पढ़ाई की जिम्मेदारी और अच्छे स्मार्टफोन की कमी जैसी कई चुनौतियाँ थीं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने नए युवाओं को सलाह दी कि शुरुआत करने के लिए महंगे उपकरणों की नहीं, बल्कि सिर्फ एक अच्छे स्मार्टफोन और माइक की जरूरत होती है।

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