Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा! उझानी रेलवे स्टेशन पर दो प्लेटफॉर्म के बीच FOB नहीं होने से फंसी यात्रियों की जान

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 06:14 PM (IST)

    उझानी रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत सौंदर्यीकरण हुआ, लेकिन प्लेटफॉर्मों के बीच फुट ओवरब्रिज (एफओबी) नहीं बना। इससे यात्रियों को जान जोखिम में ...और पढ़ें

    पटरियों से होते हुए एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाते यात्री। जागरण

    पटरियों से होते हुए एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाते यात्री। जागरण

    HighLights

    1. दो प्लेटफार्म के बीच सुरक्षित रास्ता नहीं, ट्रेन छूटने और हादसे का डर बरकरार

    जागरण संवाददाता, बदायूं। जिले के उझानी रेलवे स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव यात्रियों की सुरक्षा पर भारी पड़ रहा है। हाल ही में अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन का सौंदर्यीकरण तो किया गया, लेकिन प्लेटफार्म एक से दो पर जाने के लिए फुट ओवरब्रिज का निर्माण नहीं हुआ। सुरक्षित रास्ते के अभाव में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को लोहे की पटरियों के बीच से गुजरना पड़ता है। प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की अनदेखी के कारण कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

    उझानी स्टेशन पर दो प्लेटफार्म हैं, लेकिन कनेक्टिविटी न होने से यात्रियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब एक प्लेटफार्म पर पहले से गाड़ी खड़ी हो और अचानक दूसरे प्लेटफार्म पर ट्रेन आ जाए।

    ऐसी सूरत में एक तरफ खड़ी ट्रेन के डिब्बों या पटरियों के नीचे से निकलकर दूसरी तरफ जाना पड़ता है, जिससे कई बार यात्रियों की ट्रेन भी छूट जाती है और जान का जोखिम अलग से बना रहता है।

    हाल ही में केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने यहां से लखनऊ-ऐशबाग एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। ट्रेनों की आवाजाही और यात्रियों की संख्या बढ़ने के बावजूद इस मूल जरूरत को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया।

    स्थानीय नगरवासियों और व्यापारियों में इस व्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश है। व्यापारियों ने इस समस्या के स्थाई समाधान और जल्द से जल्द पैदल पुल के निर्माण की मांग को लेकर रेल मंत्री को पत्र भी भेजे हैं। इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।

    खबरें और भी

    व्यापारियों ने रेल मंत्री को भेजा पत्र

    उझानी के स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने रेलवे प्रशासन की लापरवाही पर चिंता जताई है। उन्होंने रेल मंत्री को ज्ञापन भेजकर बताया कि ब्यूटीफिकेशन से ज्यादा जरूरी एफओबी का निर्माण है। मांग पूरी न होने से नगरवासियों में काफी निराशा व्याप्त है।

    चलती ट्रेनों के बीच ट्रैक पार करना मजबूरी

    प्लेटफार्म बदलने का कोई सुरक्षित विकल्प न होने के कारण यात्रियों को रेलवे ट्रैक से ही गुजरना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को होती है। एक प्लेटफार्म पर ट्रेन खड़ी होने पर यात्रियों की जान पर बन आती है।

     

    अमृत भारत योजना के तहत हर स्टेशन के एफओबी बनना जरूरी नहीं होता, हालांकि एफओबी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं इसकी पूरी जानकारी करके बतायेंगे।

    - सफदर हुसैन, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल


    यह भी पढ़ें- बदायूं: जमीन विवाद में किसान ने हाईटेंशन टावर पर लगाया फंदा, शटडाउन के चक्कर में 6 घंटे लटका रहा शव