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    यूपी के सरकारी टीचरों पर बड़ी कार्रवाई: अब नहीं चलेंगे बहाने, डिजिटल हाजिरी ना लगाने पर कटेगी सैलरी

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 03:00 AM (IST)

    उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए अब डिजिटल हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। हाजिरी न लगाने पर वेतन कटेगा और ...और पढ़ें

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    1. तकनीकी दिक्कत पर बीईओ को देनी होगी लिखित सूचना, होगी सीधी कार्रवाई

    आशीष देव मिश्रा, बदायूं। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की मनमानी और बहानेबाजी पर नकेल कसने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। अब प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और संविलियन स्कूलों के शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए रोजाना आनलाइन उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। स्कूल खुलने और छुट्टी के समय टीचर माड्यूल पर हाजिरी दर्ज न करने वाले शिक्षकों के वेतन से कटौती की जाएगी।

    सबसे खास बात यह है कि इस पूरी व्यवस्था की डिजिटल मानिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से की जाएगी। ऐसे में बिना किसी ठोस वजह के लेट आना या स्कूल से गायब रहना अब सीधे अनुशासनहीनता माना जाएगा।

    बीएसए नवीन कुमार ने बताया कि आनलाइन हाजिरी की व्यवस्था काफी पहले से है। पहले शिक्षक तमाम तरह के बहाने देकर आनलाइन हाजिरी नही लगाते थे। जिसके कारण विभाग का आदेश ठंडे बस्ते में पड़ा था। शिक्षक स्मार्टफोन न होने या टच खराब होने जैसे बहाने बनाकर अपना बचाव कर लेते थे।

    इसे रोकने के लिए विभाग ने सभी विद्यालयों को दो से तीन टैबलेट उपलब्ध करा दिए हैं, जिससे रोजाना का अटेंडेंस डेटा पोर्टल पर तुरंत अपलोड किया जा सके। अब प्रधानाध्यापकों को अपने स्कूल की शत-प्रतिशत आनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी।

    यदि किसी दिन नेटवर्क या तकनीकी खराबी आती है, तो प्रधानाध्यापक को तुरंत खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित सूचना देनी होगी और समस्या ठीक होते ही उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

    बीईओ प्रतिदिन अपने ब्लाक की समीक्षा कर गैरहाजिर मिले कर्मियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई करेंगे और अपनी रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजेंगे। बिना किसी जायज कारण के आनलाइन उपस्थिति न लगाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली, 1999 के तहत कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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    शिक्षकों के बहानों पर लगा फुलस्टाॅप

    पहले कई शिक्षक स्मार्टफोन न होने या स्क्रीन खराब होने का बहाना बनाकर आनलाइन हाजिरी से बच निकलते थे। विभाग ने इस काट के लिए हर विद्यालय को दो से तीन टैबलेट मुहैया करा दिए हैं। अब टैबलेट के जरिए सीधे पोर्टल पर डेटा दर्ज होगा, जिससे फर्जी बहानों का दौर पूरी तरह समाप्त हो गया है।

    लापरवाही पर अधिकारियों पर गिरेगी गाज

    इस बार व्यवस्था केवल शिक्षकों तक सीमित नहीं है, बल्कि जवाबदेही का दायरा ऊपर तक बढ़ाया गया है। यदि किसी स्कूल में बार-बार उपस्थिति को लेकर लापरवाही सामने आती है, तो केवल शिक्षक ही दोषी नहीं माने जाएंगे। मामले में संबंधित प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी की भी जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।

     

    ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था पहले भी थी, लेकिन ढिलाई के कारण कड़ाई से पालन नहीं हो सका। अब सभी स्कूलों को टैबलेट दिए जा चुके हैं, जिससे बहानों की गुंजाइश खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से सीधी निगरानी के कारण लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई होगी।

    - नवीन कुमार, बीएसए, बदायूं


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