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    इंडस्ट्रियल काॅरिडोर के लिए 12 गांवों की भूमि का अधिग्रहण, इसके विरोध में कि‍सानों ने की पंचायत; मांगों पर कि‍या मंथन

    By Inshad Ali Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Wed, 03 Jun 2026 06:28 AM (IST)

    Baghpat News : बागपत में औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में 12 गांवों की संघर्ष समिति ने पूरनपुर नवादा में पहली पंचायत की। किसानों ने ...और पढ़ें

    पंचायत में मौजूद कि‍सान।

    पंचायत में मौजूद कि‍सान।

    HighLights

    1. बागपत में भूमि अधिग्रहण के विरोध में हुई संघर्ष समिति की पहली पंचायत।

    2. किसानों ने चार गुना मुआवजा सहि‍त कई मांग कींं, डीएम से मि‍लने का नि‍र्णय।

    संवाद सूत्र, चांदीनगर (बागपत)। औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में बनी 12 गांवों की संघर्ष समिति की पहली पंचायत पूरनपुर नवादा गांव में हुई, जिसमें मांग संबंधी मसौदा तैयार किया गया। निर्णय लिया रविवार को लहचौड़ा गांव में दूसरी पंचायत होगी। सोमवार को किसान डीएम से मिलकर अपनी मांगें प्रशासन के समक्ष रखेंगे।

    औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridor) के लिए यूपीसीडा द्वारा 12 गांवों की 2000 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिसका किसान विरोध कर रहे हैं। किसानों द्वारा सभी गांवों की बनाई गई 48 सदस्यीय संघर्ष समिति की पहली पंचायत सोमवार को पूरनपुर नवादा गांव में रविकांत शर्मा के आवास पर हुई, जिसमें किसानों ने मांग रखी कि उन्हें बाजार मूल्य से चार गुणा बढ़ाकर मुआवजा दिया जाए।

    अधिग्रहित भूमि के बदले 10 फीसदी विकसित भूखंड आवासीय एवं व्यावसायिक दिए जाएं। जिन्हें सड़क, बिजली, पानी, सीवर एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं सहित विकसित किए जाएं। इसके अलावा संबंधित किसानों और स्थानीय युवाओं को औद्योगिक क्षेत्र में लगने वाली कंपनियों व औद्योगिक इकाइयों में रोजगार दिया जाए।

    आवासीय एवं व्यावसायिक भूखंड गांव की आबादी के नजदीक दिए जाएं। ग्राम समाज, सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थलों का संरक्षण एवं विकास नाली, चकरोड़, खलिहान, तालाब एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग की भू Baghpat News मि का उचित सर्वेक्षण किया जाए।

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    पंचायत में मांग रखी कि गांवों में स्थित मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, श्मशान घाट, कब्रिस्तान, धर्मशाला तथा अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों का अधिग्रहण न किया जाए। किसानों को मुआवजा देकर अलग न किया जाए, बल्कि विकसित क्षेत्र में भागीदारी एवं स्थायी आय के अवसर प्रदान किए जाएं।

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    लिखित समझौते की मांग

    किसानों ने कहा कि सभी शर्तों का लिखित समझौता भूमि अधिग्रहण से पूर्व किसानों एवं यूपीसीडा के बीच सभी मांगों सुविधाओं एवं पुनर्वास प्रावधानों पर लिखित समझौता किया जाए।

    पंचायत में निर्णय हुआ कि समिति की दूसरी पंचायत आगामी रविवार को लहचौड़ा गांव में होगी। उसके बाद 40 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को डीएम अस्मिता लाल से मिलेगा। कांशीराम प्रधान, महेश यादव, विजयपाल, अनिल त्यागी, भोपाल, जय भाटी, बाबूराम त्यागी, बिजेंद्र यादव आदि किसान मौजूद रहे।