बागपत: नरेश टिकैत के नेतृत्व में दिल्ली-दून कॉरिडोर पर तिरंगा यात्रा, बोले- किसी को परेशानी हुई तो खेद है
स्वतंत्रता दिवस पर भाकियू ने चौधरी नरेश टिकैत के नेतृत्व में किसानों के साथ तिरंगा यात्रा निकाली। किसान दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर चढ़कर 12 किमी चले और बड़ौत तहसील में प्रदर्शन किया।

फाइल फोटो।
HighLights
भाकियू ने स्वतंत्रता दिवस पर किसानों के साथ तिरंगा यात्रा निकाली
नरेश टिकैत की अगुवाई में किसान कॉरिडोर पर चढ़कर प्रदर्शन किया
बड़ौत तहसील पहुंचकर किसानों ने अपनी मांगों को मजबूती से उठाया
जागरण संवाददाता, बड़ौत (बागपत)। स्वतंत्रता दिवस पर भाकियू ने किसानों के साथ तिरंगा यात्रा निकालकर अपनी ताकत का अहसास कराया। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत की अगुवाई में सैकड़ों किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर यात्रा में शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लिए किसानों का काफिला गांगनौली कट से बैरिकेडिंग को पार करते हुए दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर चढ़ा।
किसान लगभग 12 किलोमीटर तक ट्रैक्टरों के साथ तिरंगा यात्रा निकालते हुए तहसील पहुंचे। किसानों ने यहां प्रदर्शन किया और वापस लौट गए। तिरंगा यात्रा की शुरुआत गांगनौली वैकल्पिक कट से हुई।
बैरिकेडिंग हटाते हुए चढ गए किसान
बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ पुलिस द्वारा लगाए बैरिकेडिंग को हटाते हुए दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर चढ़े गए और लगभग 12 किलोमीटर तक यात्रा निकाली। काफिले के रूप में तिरंगा यात्रा बड़ौत के पास बिजरौल कट पर पहुंची तो किसानों ने अग्रवाल मंडी टटीरी कट पर जाने की शर्त रख दी। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने वार्ता का हवाला देते हुए बड़ौत तक ही यात्रा निकालने का अनुरोध किया। इसके बाद किसानों का काफिला कॉरिडोर से बिजरौल कट से नीचे उतर गया।
नरेश टिकैट ने कहा, पहले ही चेतावनी दी थी
किसान ट्रैक्टर लेकर बड़ौत तहसील पहुंचे। यहां चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि पुलिस-प्रशासन को तिरंगा यात्रा निकालने की जानकारी और चेतावनी पहले ही दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य किसानों की मांग को मजबूती से उठाना था। यदि तिरंगा यात्रा के दौरान किसी आमजन को परेशानी हुई है तो वह उसके लिए खेद प्रकट करते हैं।
यह भी पढ़ें- सौरभ हत्याकांड: गवाह बुलाने के प्रार्थना पत्र पर सोमवार को सुनवाई, मेरठ कोर्ट में बहस पूरी
यात्रा के साथ पुलिस-प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारी भी मौजूद रहे। किसानों के ट्रैक्टरों के कॉरिडोर पर पहुंचने के बाद यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और अधिकारी स्थिति संभालने में जुटे रहे।
यह भी पढ़ें- मेरठ: घर में घुसा 8 फीट का लंबा अजगर देखकर दहशत में आए लोग, रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा

