लखनऊ-बहराइच हाईवे पर 60 करोड़ की लागत से बने ओवरब्रिज का पैनल खिसका, आवागमन ठप
लखनऊ-बहराइच हाईवे पर 60 करोड़ की लागत से बने ओवरब्रिज का पैनल खिसक गया है, जिससे यातायात रोककर डायवर्ट किया गया है। ...और पढ़ें

60 करोड़ की लागत से बने ओवरब्रिज का पैनल खिसका।

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जागरण संवाददाता, बहराइच। 60 करोड़ रुपये की लागत से लखनऊ-बहराइच हाईवे पर बने ओवरब्रिज का शनिवार देर रात पैनल खिसक गया। पैनल खिसकने से पुल में आई दरार की सूचना पर पहुंचे एनएचएआइ व प्रशासनिक अधिकारियों ने यातायात को रोकवाया और डायवर्जन कर दिया।
अब सभी वाहन रेलवे क्रासिंग से होते हुए बहराइच-लखनऊ आ जा रहे हैं। इससे पहले भी तीन बार पुल में खामियां आने पर यातायात को बाधित किया जा चुका है। स्थानीय लोग अब गुणवत्ता पर सवाल कर रहे है।
लखनऊ-बहराइच हाईवे पर जरवलरोड इलाके के कुड़वा में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण पीएनसी कंपनी ने 60 करोड़ रुपये की लागत से किया था। 28 अगस्त 2018 को इस पुल पर आवागमन शुरू हुआ था। ओवरब्रिज पर जगह-जगह प्लेटों के बगल से पेड़ जम गए है।
कई जगह पर प्लेटे क्रैक भी हैं। साथ ही देखभाल के अभाव में पुल के ऊपर जगह-जगह पानी भरता है। बरसात में बारिश का पानी ओवरब्रिज पर जमा होने तथा पानी का रिसाव होने से पानी के साथ ब्रिज की मिट्टी भी जमीन पर आ गई। ओवरब्रिज की मिट्टी निकलने से शनिवार की देर रात को रेलवे लाइन के निकट ओवरब्रिज में लगा सीमेंटेड पैनल का हिस्सा धंस गया।
पैनल के बीच से मिट्टी निकलने से सीमेंटेड पैनल अंदर की तरफ खिसक गया, जिससे अगल बगल लगे दूसरे पैनल भी अपनी जगह से हट गए। दुर्घटना की संभावना को देखते हुए अधिकारियों ने ओवरब्रिज का निरीक्षण कर ओवरब्रिज पर आवागमन रोक दिया।
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ओवरब्रिज के दोनों तरफ बैरीकेटिंग लगाकर पुलिस को तैनात कर दिया गया। लखनऊ-बहराइच आने-जाने वाली सभी गाड़ियों को जरवलरोड तिराहे से बहराइच की तरफ निकाला जा रहा है, जिससे लगातार जाम के स्थिति बनी हुई है एनएचएआइ के अवर अभियंता अनंत मौर्य ने बताया कि पुल का निरीक्षण किया गया है। मंगलवार को एनएचएआइ के उच्चाधिकारी निरीक्षण करेंगे। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पांच महीने बाद ही क्रैक हो गया था पैनल
ओवरब्रिज पर आवागमन अगस्त 2018 में शुरू हुआ था, लेकिन पांच महीने बाद ही जनवरी 2019 में पैनल क्रैक होने के चलते आवागमन को रोका गया। इसके बाद 2020 में पैनल टूटा। दो साल सब कुछ सही होने के बाद 2022 में पैनल धंसा तो नट बोल्ट जाम कराया गया। तीन महीने बंद कार्य चला, जिसके चलते आवागमन बाधित रहा।