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    यमुना और हरनंदी किनारे बाढ़ की आहट, ग्रेटर नोएडा में 7 राहत केंद्र तैयार; 3500 लोगों के रहने का इंतजाम

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 09:52 AM (IST)

    ग्रेटर नोएडा में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यमुना और हरनंदी नदी के किनारे बसे क्षेत्रों के लिए सात राहत ...और पढ़ें

    यमुना और हरनंदी नदी में बाढ़ की संभावनाओं पर प्रशासन की तैयारी तेज। फोटो: एआई जनरेटेड

    यमुना और हरनंदी नदी में बाढ़ की संभावनाओं पर प्रशासन की तैयारी तेज। फोटो: एआई जनरेटेड

    HighLights

    1. बाढ़ से निपटने के लिए सात राहत केंद्र तैयार

    2. 3500 से अधिक लोगों के लिए व्यवस्था की गई

    3. नोडल अधिकारी नियुक्त, आपदा प्रबंधन तैयारियां तेज

    रंजीत मिश्रा, ग्रेटर नोएडा। यमुना और हरनंदी नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में वर्षा के दौरान जलभराव और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं।

    तहसील सदर क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सात राहत केंद्र, बाढ़ शरणालय तैयार करा लिए गए हैं। पिछले वर्ष 2025 में नदी का जलस्तर बढ़ने पर 940 परिवारों के 3250 लोग प्रभावित हुए थे।

    इन्हें लगभग एक माह तक सुरक्षित स्थानों पर रखकर भोजन-पानी की सुविधा दी गई थी। बच्चों के पढ़ाई के लिए अस्थायी स्कूल व पशुओं के लिए अस्थायी गोशाला व किचन की भी व्यवस्था की गई थी। इस बार भी उसी तर्ज पर राहत शरणालय बनाए गए हैं। इनकी क्षमता 3500 लोगों की है।

    बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए नाव, गोताखोर, एनडीआरएफ के रहने के लिए स्थान समेत अन्य तैयारियों को लेकर एसडीएम सदर ने जिलाधिकारी मेधा रूपम के निर्देश पर अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक कर वृहद रूपरेखा तैयार की है।

    यहां बनाए गए हैं बाढ़ शरणालय 

    सेक्टर-134 नंगली नगला बारात घर, सेक्टर-134 नंगली सफीपुर बारात घर, सेक्टर-135 वाजिदपुर-1 बारात घर, सेक्टर-135 वाजिदपुर-2, सेक्टर-150, झट्टा स्थित प्राधिकरण बारात घर और विविध स्थानों पर राहत केंद्र बनाए जाएंगे।

    मूलभूत सुविधाओं से होंगे लैस

    प्रत्येक शरणालय पर प्रशासनिक टेंट, कुर्सी-मेज, कूलर, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय व मोबाइल टायलेट की व्यवस्था नोएडा प्राधिकरण करेगा। मेडिकल टीम, दवाओं सहित मेडिकल कैंप की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्साधिकारी को दी गई है।

    एनडीआरएफ-एसडीआरएफ के ठहरने, बिजली-जनरेटर और सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा पशुओं के चारा-पानी व टीकाकरण, कम्युनिटी किचन, नाविक-गोताखोर की व्यवस्था भी तहसील और संबंधित विभाग देखेंगे।

    इन्हें बनाया गया है नोडल

    बाढ़ राहत कार्य व शरणालय के लिए लेखपाल मनोज कुमार दुबे, आशीष चौधरी और ज्ञानेंद्र सिंह को केंद्रों का नोडल बनाया गया है। इसके बारे संबंधित सभी विभागों के उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है, ताकि समुचित व्यवस्था समय से पूरी की जा सके।

    बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए बेहतर तैयारी की जा रही है। बांध मरम्मत व बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। प्रभावितों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने व बचाव कार्य के लिए अस्थायी राहत शिविर तैयार कर लिए गए हैं। अन्य तैयारियों के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

    - आशुतोष गुप्ता, एसडीएम सदर गौतमबुद्ध नगर

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