नेपाल में हिंसा के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा चाक-चौबंद, बहराइच में कड़ी निगरानी
नेपाल के सुनसरी जिले में धार्मिक जुलूस के दौरान हुई हिंसा और हिंदू राष्ट्र की मांग के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। ...और पढ़ें

वाहन की जांच करता एसएसबी जवान। जागरण
HighLights
नेपाल हिंसा के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ी।
बहराइच सीमा पर एसएसबी, पुलिस 24 घंटे निगरानी में।
सीसीटीवी, नाइट विजन कैमरों से हर गतिविधि पर नजर।
जागरण संवाददाता, बहराइच। नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज में 26 जुलाई को धार्मिक जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच हिंसा भड़की थी। इसमें तीन प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद नेपाल में तनाव बढ़ गया। जिसके बाद नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
पहाड़ी क्षेत्रों से शुरू हुई यह सुलगती चिंगारी अब सीमा से सटे तराई इलाकों तक पहुंचने की आशंका जताई रही है, जिसके चलते सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और पुलिस सीमा पर हर गतिविधि पर नजर रख रही हैं। कई सुरक्षा एजेंसिया भी सीमा से सटे इलाकों में डेरा डाले हुए हैं।
गोरखपुर जोन के बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर समेत सात जिले से नेपाल के रूपनदेही, नवलपरासी, कपिलवस्तु, बांके, बर्दिया व दांग जिले की सीमा लगती है। इसमें बहराइच जिले की लगभग 80 किमी सीमा नेपाल से सटी हुई है।
खुली सीमा का फायदा उठाकर कई बार नेपाल के रास्ते आतंकी व पाकिस्तानी जासूस भी भारत में प्रवेश कर चुके हैं। ऐसे में नेपाल में हिंदु राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर भड़की हिंसा के बाद एसएसबी लगातार मजबूत खाका खींच रही है।
सुरक्षा के मद्देनजर नेपाल आने-जाने वाले मुख्य मार्गों के साथ ही पगडंडी पर बैरियर लगाकर चेकिंग की जा रही थी, लेकिन नेपाल में हो रहे आंदोलन को देखते हुए अब सीमा की सुरक्षा और मजबूत कर दी गई है।
रात में मिलान गश्त की जा रही है, जिसमें जवानों की टोली कई किलोमीटर तक खुली सीमा पैदल मार्च करती है। सीमावर्ती थानों पर तैनात पुलिसकर्मी भी अलर्ट हैं। हर आने जाने वालों पर पुलिसकर्मियों की भी पैनी नजर है।
खबरें और भी
नेपाल के रास्ते कोई भी आसामाजिक तत्व भारत में प्रवेश न करे, इसको लेकर सीमा पर दिन-रात चौकसी बरती जाती है। नाइट विजन कैमरे से जवान सीमा पर होने वाली हर हलचल पर नजर बनाए हुए हैं। सीसी कैमरों से भी आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है। अन्य सुरक्षा एजेंसियों से सामंजस्य बैठाकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
-गिरीश पांडेय, कमांडेंट एसएसबी 42वीं वाहिनी
यह भी पढ़ें- आधार कार्ड से नेपाल जाने पर लगी रोक, सिर्फ यूपी के सोनौली बॉर्डर से पहले की तरह मिल रही एंट्री
यह भी पढ़ें- कभी घुसपैठियों को देता था पनाह, अब खुद शिकार हो रहा नेपाल