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    अजनाला कांड के वांछितों को नेपाल सीमा पार कराने में मदद करता था सुरेश, पंजाब में कारोबार के दौरान हुआ था संपर्क

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 07:50 PM (IST)

    सुरेश पाठक, जो पंजाब में फल का कारोबार करता था, अजनाला कांड के वांछित विक्रमजीत सिंह के संपर्क में था और उसे नेपाल सीमा पार कराने में मदद करता था। ...और पढ़ें

    भारत-नेपाल का रुपईडीहा बार्डर। जागरण

    भारत-नेपाल का रुपईडीहा बार्डर। जागरण

    HighLights

    1. रुपईडीहा का सुरेश पाठक, विक्रमजीत सिंह के संपर्क में था।

    2. सुरेश ने अजनाला कांड के वांछितों को सीमा पार कराई।

    3. कई आरोपी गिरफ्तार, सुरक्षा एजेंसियां सीमा पर अलर्ट।

    संतोष श्रीवास्तव, बहराइच। नेपाल के रास्ते भारत में फर्जी दस्तावेजों के सहारे घुसने वाले विक्रमजीत सिंह के संपर्क में ट्रैवल एजेंसी का संचालन करने वाला सुरेश पाठक पहले से था। वह पंजाब में सात साल तक फल व जूस का काम करता रहा। इस दौरान उसके संबंध वारिस पंजाब दे संगठन के संपर्क में वह भी आ गया।

    इसके बाद वह रुपईडीहा में आकर ट्रैवल एजेंसी का संचालन शुरू किया और फिर पंजाब अजनाला कांड के वांछितों के लिए काम करने लगा। सुरेश की ही मदद से विक्रमजीत व अमृत पाल रुपईडीहा के रास्ते काठमांडू पहले भी जा चुके थे।

    रुपईडीहा के चितरहिया महानंदपुरवा निवासी सुरेश पाठक ऐसे ही ट्रैवल एजेंसी का संचालन नहीं करता था। इसकी आड़ में उसका मकसद कुछ और था। हाल ही में पंजाब अजनाला कांड के वांछित विक्रमजीत व अमेरिकी नागरिक मनवीर सिंह के पकड़े जाने के बाद उसके मंसूबों का खुलासा हुआ।

    बताया जा रहा है कि बाबागंज इलाके का रहने वाला यह व्यक्ति सात साल पूर्व पंजाब के रोपड़ गया था। फरवरी 2023 में अजनाला कांड के बाद सुरेश पाठक का संपर्क विक्रमजीत से हुआ और जब उसे पता चला कि वह नेपाल के रुपईडीहा बार्डर का रहने वाला है तो उसने सुरेश को सुनियोजित तरीके से रुपईडीहा में स्थापित कराया।

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    यहां उसे ट्रैवल एजेंसी का काम शुरू कराया गया है। इसमें उसका सहयोग दीपक पाठक व चालक राहुल करते थे। बताया जा रहा है कि इन्हीं के जरिए विक्रमजीत व अमृतपाल रुपईडीहा के रास्ते काठमांडू आते-जाते थे। इसमें जो भी खर्च आता था वह पीलीभीत पूरनपुर निवासी जोगा सिंह वहन करता था।

    यही नहीं, पंजाब में घटना को अंजाम देने के बाद वांछित चल रहे इन आरोपितों को पीलीभीत में शरण जोगा सिंह ने ही दी थी। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में विक्रमजीत, मनवीर, जोगा सिंह, रुपईडीहा के सुरेश पाठक, दिलीप कुमार व राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

    सीमा पर एसटीएफ, एटीएस, राॅ, एसएसबी, इंटेलीजेंस समेत कई सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी अपनी नजर बनाए हुए हैं। एसएसबी के जवान भी सीमा पर अलर्ट हैं और हर आने-जाने वालों की सघन जांच कर रहे हैं।

    ऐसा माना जा रहा है कि इस मामले में अभी कुछ और लोग सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर आ सकते हैं। एसपी विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस टीमें भी सीमा पर पूरी तरह सक्रिय हैं और गहनता से प्रकरण की जांच भी कराई जा रही है।

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