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    बलिया में करंट लगने से पिता-पुत्र की मौत मामले में बड़ी कार्रवाई, जेई सस्पेंड और संविदाकर्मी SSO बर्खास्त

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 01:37 AM (GMT+05:30)

    बलिया के शहपुरवा गांव में जर्जर तार से पिता-पुत्र की मौत के बाद बिजली विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    HighLights

    1. पिता-पुत्र की मौत पर बिजली विभाग ने की कार्रवाई।

    2. जेई निलंबित, संविदाकर्मी एसएसओ की सेवाएं समाप्त।

    3. पीड़ित परिवार को नियमानुसार अनुग्रह सहायता (मुआवजा) मिलेगा।

    जागरण संवाददाता, बलिया। बांसडीहरोड क्षेत्र के शहपुरवा गांव में जर्जर बिजली तार की चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत के मामले में बिजली विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अवर अभियंता (जेई) आनंद जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि संविदा पर तैनात एसएसओ मुकुल उपाध्याय की सेवाएं समाप्त (बर्खास्त) कर दी गई हैं।

    इसके अलावा एक एसडीओ का भी स्थानांतरण कर दिया गया है। विभाग के मुताबिक जांच के बाद और भी कार्रवाई हो सकती है। विभागीय जांच में सामने आया कि संबंधित क्षेत्र में जर्जर बिजली तारों और विद्युत व्यवस्था की निगरानी में गंभीर लापरवाही बरती गई। इसी के आधार पर अधिकारियों ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की।

    इसके अलावा जब ग्रामीणों ने फोनकर बिजली काटने की बात कही तो इन एसएसओ द्वारा तत्काल बिजली काटने की बजाय घटनास्थल का वीडियो मांगा गया। बिजली विभाग को आइना दिखाने के लिए घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे बलिया-बांसडीह मार्ग पर शहपुरवा गांव के सामने जाम लगा दिया था।

    लोगों ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की थी। इसके बाद आनन फानन बिजली विभाग ने कार्रवाई की गई।

    पिता-पुत्र की मौत मामले में विद्युत सुरक्षा निदेशालय की जांच शुरू, स्वजन को मिलेगा मुआवजा

    पिता-पुत्र की मौत के मामले में विद्युत विभाग ने जांच तेज कर दी है। घटना की जांच विद्युत सुरक्षा निदेशालय की ओर से कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर हादसे के कारणों और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका तय की जाएगी।

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    अधिकारियों ने बताया कि मृतकों के स्वजन को नियमानुसार अनुग्रह सहायता (मुआवजा) प्रदान की जाएगी। इसके लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। बिजली विभाग की लापरवाही यानी जर्जर तार, टूटे तार, खुले विद्युत प्रवाह आदि के कारण हुई मृत्यु के रूप में जांच में सिद्ध होता है, तो मृतक के आश्रितों को मिलने वाला मुआवजा उसी आधार पर तय होगा।

    यूपी पावर कॉर्पोरेशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार मुआवजा पीड़ित की आयु और निर्धारित गुणक (मल्टीप्लायर) के आधार पर तय किया जाता है। बिजली विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अधिकतम पांच लाख प्रति व्यक्ति मुआवजा दिया जा सकता है।

    जेई को निलंबित करने के साथ एसएसओ को बर्खास्त कर दिया गया है। अभी मामले की जांच की जा रही है।
     
                                                            प्रवीण वर्मा, अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग, बलिया।