बलिया में हाईस्कूल का फर्जी सर्टिफिकेट लगाने वाली महिला कोटेदार पर मुकदमा, दुकान का कॉन्ट्रैक्ट निरस्त
बलिया में हाईस्कूल का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर उचित दर विक्रेता बनी महिला कोटेदार सुमन देवी पर मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रशासन ने उसकी दुकान का अनुबंध ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
महिला कोटेदार सुमन देवी पर फर्जी प्रमाण पत्र का मुकदमा।
हाईस्कूल का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर बनी थी उचित दर विक्रेता।
दुकान का अनुबंध निरस्त, तत्कालीन एआरओ की भूमिका की जांच।
जागरण संवाददाता, बलिया। हाईस्कूल का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर उचित दर विक्रेता बनने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। सदर तहसील क्षेत्र के रामपुर महावल गांव की महिला कोटेदार सुमन देवी के खिलाफ पूर्ति निरीक्षक सदर डिंपल सिंह की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। डीएसओ देवमणि मिश्र के मुताबिक साथ ही उसकी कोटे की दुकान का अनुबंध भी निरस्त कर दिया गया है।
वहीं तत्कालीन एआरओ दिनेश कुमार कन्नौजिया की भूमिका की भी जांच की जा रही है और दोष मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि चयन प्रक्रिया की निगरानी और अभिलेखों के सत्यापन में चूक कई सवाल खड़े कर रहे हैं।
मामला ग्राम पंचायत रामपुर महावल स्थित रविदास गुरु स्वयं सहायता समूह के नाम से संचालित उचित दर दुकान का है। गांव निवासी हरेकृष्ण पुत्र ने चार नवंबर 2025 को शिकायत कर आरोप लगाया था कि दुकान के चयन के समय संचालिका सुमन देवी ने हाईस्कूल का फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था।
शिकायत के साथ राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चितबड़ागांव के प्रधानाचार्य का प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें बताया गया कि अभिलेखों के अनुसार सुमन देवी हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा वर्ष 2004 में परीक्षार्थी थीं लेकिन परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हुई थीं।
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शिकायत के बाद पूर्ति विभाग ने सुमन देवी को हाईस्कूल की मूल अंकपत्र और प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का नोटिस जारी किया था। विभाग के अनुसार, संचालिका सात माह बाद भी कोई प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर सकीं और उन्होंने स्वयं स्वीकार किया कि वह वर्ष 2004 की हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण नहीं हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि शासनादेश के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में राशन दुकान के चयन के लिए हाईस्कूल अथवा समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसी आधार पर दुकान का अनुबंध निरस्त कर दिया गया है।
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