बलिया में बनेगी 61 बाढ़ चौकियां और 73 शेल्टर होम, मदद के लिए तैनात रहेंगी 202 नावें
गंगा और सरयू में जलस्तर बढ़ने की आशंका के मद्देनजर बलिया जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत 61 बाढ़ चौकियां, 73 शरणालय औ ...और पढ़ें

61 बाढ़ चौकियां व 73 शरणालय बनेंगे।
HighLights
बलिया में 61 बाढ़ चौकियां और 73 शरणालय बनेंगे।
बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए 202 नावें तैनात रहेंगी।
गंगा और सरयू के कटानरोधी कार्य भी कराए गए हैं।
जागरण संवाददाता, बलिया। गंगा और सरयू का जलस्तर अभी पेटे में हैं, लेकिन गंगा में बढ़ाव होने से नदी में पानी का फैलाव होने लगा है। सरयू अभी घटाव पर हैं। जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ से निपटने की तैयारी शुरू हो चुकी है। जिले में गंगा, सरयू और टोंस नदी के बाढ़ से तबाही रहती है। बाढ़ के समय अधिकांश लोग एनएच-31 के किनारे शरण लेते हैं।
तहसील क्षेत्र सदर, बैरिया, बेल्थरारोड, रसड़ा, बांसडीह और सिकंदरपुर को मिलाकर इस बार 61 बाढ़ चौकियां और 73 बाढ शरणालय बनाने की तैयारी हो रही है। लोगों की सुविधा के लिए छोटी, बड़ी 202 नावें रहेंगी। बाढ़ के लिए सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है।
बाढ़ के दौरान सबसे ज्यादा तबाही झेलने वाले दूबे छपरा और नाैरंगा में कटानरोधी कार्य कराया गया है। इससे बाढ़ के दिनों में राहत की उम्मीद है।
इसके अलावा एनएच-31 को बचाने के लिए रामगढ़ में भी कटानरोधी कार्य कराया गया है। यहां पिछले कई वर्षों से गंगा एनएच-31 से लगभग 60 मीटर की दूरी पर बह रही है, लेकिन कटानरोधी कार्य की वजह से अभी तक एनएच-31 सुरक्षित है।
कटान से तटवर्ती क्षेत्र की आबादी को सुरक्षित करने के लिए जिले में 97 करोड़ की लागत से नौ परियोजनाएं स्वीकृति मिली थी, जिस पर कार्य कराया गया है।
हालांकि गोपालनगर टांड़ी में कटानरोधी कार्य की स्वीकृति नहीं मिलने से वहां तबाही हो सकती है। जिले में सरयू का बहाव क्षेत्र लगभग 120 किलोमीटर और गंगा का लगभग 110 किलोमीटर है। दोनों नदियों का संगम सिताबदियारा में होता है।
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बाढ़ के दिनों में दोनों तरफ से नदियां हमला करतीं हैं। गंगा और सरयू का जलस्तर उच्चतम बिंदु पर पहुंचने पर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कुल 379 गांवों की 4.23 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित होती है।
इसके दृष्टिगत जिला प्रशासन की ओर से सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। अभी के समय में गंगा का जलस्तर गायघाट मीटर गेज पर 51.59 मीटर पर और तूर्तीपार में सरयू का जलस्तर 62.26 मीटर पर है।
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