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    बलिया में जयमाल के बाद खुला दूल्हे का राज, एक आंख से दृष्टिहीन होने पर दुल्हन ने शादी से किया इनकार

    Updated: Wed, 29 Apr 2026 08:03 PM (GMT+05:30)

    बलिया के लालगंज में जयमाल के बाद दूल्हे के एक आंख से दृष्टिहीन होने का पता चलने पर शादी टूट गई। वधू पक्ष ने दूल्हे और उसके परिजनों को कमरे में बंद कर ...और पढ़ें

    सांकेत‍िक तस्‍वीर।

    सांकेत‍िक तस्‍वीर।

    HighLights

    1. जयमाल के बाद दूल्हे के दृष्टिहीन होने का खुलासा।

    2. वधू पक्ष ने शादी से इनकार कर दूल्हे को बंद किया।

    3. पुलिस हस्तक्षेप से दोनों पक्षों के बीच हुआ समझौता।

    जागरण संवाददाता, बलिया।लालगंज क्षेत्र के नई बस्ती मोहल्ले में मंगलवार रात एक शादी उस समय टूट गई, जब जयमाल और अन्य रस्मों के बाद पता चला कि दूल्हा एक आंख से दृष्टिहीन है। इस बात की जानकारी होने पर वधू पक्ष ने विवाह से इनकार कर दिया। विवाद बढ़ने पर वधू पक्ष ने दूल्हे समेत उसके स्वजन को रातभर एक कमरे में बंद कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को चौकी ले गई, जहां बाद में समझौता होने के बाद मामला शांत हुआ।

     

    लालगंज क्षेत्र के नई बस्ती निवासी शंकर तुरहा की पुत्री की शादी हल्दी थाना क्षेत्र के वादिलपुर निवासी श्यामसुंदर तुरहा के पुत्र अजय तुरहा से तय थी। मंगलवार को बरात धूमधाम से पहुंची थी। द्वारपूजा और गुरहथी सहित अन्य वैवाहिक रस्में संपन्न हो चुकी थीं। मंडप में विवाह की तैयारी चल रही थी और दूल्हा भी शादी की रस्म के लिए पहुंच चुका था।

    इसी दौरान महिलाओं के बीच हंसी-मजाक के दौरान किसी को संदेह हुआ कि दूल्हा एक आंख से देख नहीं पा रहा है। इस पर वधू पक्ष के लोगों ने विवाह की रस्में रुकवा दीं और दूल्हे के स्वजन से पूछताछ शुरू की। पहले तो स्वजन बात टालते रहे, लेकिन बाद में पुष्टि हुई कि दूल्हा एक आंख से दृष्टिहीन है। इसके बाद वधू पक्ष ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया।

    विवाह टूटने के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी और हंगामा होने लगा। वधू पक्ष ने दूल्हे और उसके कुछ स्वजन को एक कमरे में बंद कर दिया, जबकि अन्य बारातियों को वापस भेज दिया गया। रात में किसी ने पुलिस को सूचना दी, जिस पर लालगंज चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और बंद लोगों को मुक्त कराकर दोनों पक्षों को चौकी ले आई। बाद में विवाद बढ़ने की आशंका पर दोनों पक्षों को थाने भेज दिया गया। बाद में क्षेत्र के संभ्रांत लोगों के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों में समझौता हो गया। वधू पक्ष द्वारा तिलक में दिया गया सामान वर पक्ष ने वापस कर दिया, जबकि गुरहथी के बाद वधू पक्ष द्वारा रखे गए गहने और अन्य सामान भी लौटा दिए गए।

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    थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार चौधरी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच विवाह कराने का प्रयास किया गया, लेकिन लड़की पक्ष इसके लिए तैयार नहीं हुआ। बाद में दोनों पक्ष आपसी सहमति से समझौता कर अपने-अपने घर चले गए।

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