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    ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ा अपडेट, यूपी-बिहार की कनेक्टिविटी बढ़ाने वाले मार्ग का कार्य 88% पूरा

    Updated: Mon, 06 Apr 2026 02:37 PM (GMT+05:30)

    गाजीपुर से बलिया होते हुए मांझी तक निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का 88% कार्य पूरा हो चुका है। मई के बजाय अब यह अगस्त तक बनकर तैयार होगा। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. एक्सप्रेसवे का 88 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

    2. परियोजना अब अगस्त 2024 तक पूरी होने की उम्मीद है।

    3. यूपी-बिहार कनेक्टिविटी बढ़ेगी, यात्रा समय डेढ़ घंटा होगा।

    जागरण संवाददाता, बलिया। गाजीपुर के ह्दयपुर से बलिया होते हुए मांझी तक निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का 88 प्रतिशत तक कार्य पूर्ण हो चुका है। पहले मई के अंत तक कार्य समाप्त होने की बात कही जा रही थी, लेकिन इसकी समयावधि में परिवर्तन हुआ है।

    अब यह अगस्त तक पूर्ण होगा। पूरी परियोजना 5311 करोड़ रुपये की है जिसे चार पैकेज में बांटकर कार्य किया जा रहा है।

    गाजीपुर के ह्दयपुर से शाहपुर तक पैकेज एक का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया है। वहीं शाहपुर से पिंडारी तक पैकेज दो में करीब दो-तीन स्थानों पर इलेक्ट्रिक लाइन को शिफ्ट करना है। इसके अलावा पैकज तीन में पिंडारी से रिविलगंज बाइपास तक अभी कई जगह मिट्टी भरवाने का कार्य जारी है।

    इन तीनों पैकेज की कुल लंबाई 117.120 किलोमीटर है। इसके अलावा पैकेज चार के तहत 17.27 किमी सड़क का निर्माण (बक्सर स्पर) किया जा रहा है। इसके लिए करीमुद्दीनपुर रेलवे स्टेशन के पास करीब 205 मीटर एक आरओबी का निर्माण होना है।

    एनएचएआइ के अधिकारियों के मुताबिक इसका भी काम शुरु हो गया है। इसके निर्माण से पूर्वांचल एक्सप्रेस पार करने के बाद बिहार जाने वाले लोग भरौली-बक्सर होते हुए निकल जाएंगे। इस परियोजना के तहत पांच ओवरब्रिज व 12 माइनर ब्रिज बनाए गए हैं।

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    बिहार के दो बड़े क्षेत्र पटना-बक्सर और छपरा सीधे लखनऊ-दिल्ली से जुड़ जाएंगे

    इस एक्सप्रेसवे पर एटीएमएस (आटोमैटिकट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) से स्पीड की निगरानी की जाएगी। इस पर प्रकाश, एंबुलेंस, क्रेन, रूट पेट्रोल वाहन आदि की व्यवस्था होगी। इस परियोजना के पूरा होने से यूपी और बिहार राज्य की आपस में कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

    बिहार के दो बड़े क्षेत्र पटना-बक्सर और छपरा सीधे लखनऊ-दिल्ली से जुड़ जाएंगे। गाजीपुर से बलिया होते हुए छपरा पहुंचने में चार घंटे से अधिक का समय लगता है, लेकिन इस परियोजना के पूरा होने से सिर्फ डेढ़ घंटे में आसानी से पहुंचा जा सकेगा।

    ऐसा इसलिए क्योंकि इस हाईवे पर 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से वाहन दौडेंगे। यही नहीं, उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर व बलिया के क्रमशः 86 व 99 गांव तथा बिहार राज्य के जनपद-छपरा (सारण) के चार गांव इस हाईवे से सीधे जुड़ रहे हैं।

    ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे से यह प्रमुख मार्ग जुड़ रहे

    • एनएच-24, गाजीपुर-गोरखपुर मार्ग
    • पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे
    • गाजीपुर-कासिमाबाद मार्ग
    • युसुफपुर-कासिमाबाद मार्ग
    •  मोहम्मदाबाद-नसीरपुर मार्ग
    • बयासी-बलिया मार्ग
    • हल्दी मार्ग
    • लालगंज-बैरिया मार्ग
    • राष्ट्रीय राजमार्ग-31, बलिया-हाजीपुर (पूर्वनिर्मित)
    • मांझी-डुमरी-ताजपुर मार्ग
    • मोहम्मदाबाद-चितबड़ागांव मार्ग
    • कोटवा-नरायणपुर मार्ग

    ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का 88 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। पैकेज चार के तहत करीमुद्दीनपुर रेलवे स्टेशन के पास एक आरओबी का निर्माण किया जाना है। यह कार्य भी शुरु हो गया है।
    -पीयूष अग्रवाल, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ।