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    दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे प्राचीन डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना

    Updated: Mon, 06 Apr 2026 05:19 PM (IST)

    प्रधानमंत्री मोदी 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। इस दौरान वे महिंद्रा ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करेंगे और प्राचीन डाट ...और पढ़ें

    दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ पीएम मोदी 14 अप्रैल को ही करेंगे डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना।

    दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ पीएम मोदी 14 अप्रैल को ही करेंगे डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना।

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    संक्षेप में पढ़ें

    राज्य ब्यूरो, देहरादून। दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। अब तक की सूचना के आधार पर पीएम मोदी 14 अप्रैल को ही एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कर महिंद्रा ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करेंगे।

    इस आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उधर पीएम मोदी के प्राचीन डाट काली मंदिर में पूजा अर्चना करने की भी सूचना है।

    यह पहला मौका होगा जब कोई प्रधानमंत्री इस मंदिर में दर्शन करने पहुंचेगा, इससे इस धार्मिक स्थल की महत्ता और बढ़ेगी। इसके साथ ही डाट काली मंदिर को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान भी मिलेगी।

    दिल्ली और उत्तराखंड को जोड़ने वाला यह महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि आस्था और विकास का संगम भी बन गया है।

    खास बात यह है कि एक्सप्रेसवे के निर्माण में डाट काली मंदिर की धार्मिक आस्था का विशेष ध्यान रखा गया है।

    मंदिर के पास से गुजरने वाले मार्ग पर एक विशेष ओवरब्रिज (फ्लाईओवर) बनाया गया है, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही बाधित न हो और मंदिर की पवित्रता भी बनी रहे।

    आस्था से जुड़ा है डाट काली मंदिर का इतिहास

    डाटकाली मंदिर, जिसे डाटकाली सिद्धपीठ भी कहा जाता है, देहरादून-सहारनपुर मार्ग पर स्थित एक प्राचीन मंदिर है।

    मान्यता है कि यहां माता काली की पूजा करने व नए वाहन का पूजन कराने से यात्रा सुरक्षित होती है।

    वर्षों से यहां से गुजरने वाले यात्री और चालक इस मंदिर में रुककर दर्शन करते हैं और आगे की यात्रा के लिए आशीर्वाद लेते हैं। नवरात्र और अन्य पर्वों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

    एक मंदिर यूपी, दूसरा उत्तराखंड में

    • इस मंदिर का दिलचस्प तथ्य यह है कि डाट काली मंदिर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित है।
    • एक मंदिर उत्तराखंड की सीमा में है, जबकि दूसरा यूपी के सहारनपुर की सीमा में। दोनों मंदिर मिलकर इस क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण आस्था केंद्र बनाते हैं, जहां हर दिन हजारों लोग दर्शन करने पहुंचते हैं।

    एक्सप्रेसवे में आस्था का सम्मान

    दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान इस मंदिर की विशेष स्थिति को देखते हुए इंजीनियरिंग स्तर पर बदलाव किए गए।

    मंदिर के पास ट्रैफिक को सुचारू रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अलग से ओवरब्रिज और सर्विस लेन विकसित की गई है।

    इससे एक ओर जहां हाइवे पर वाहनों की गति बनी रहेगी, वहीं दूसरी ओर मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा नहीं होगी।

    पहली बार पीएम का आगमन, बढ़ेगा धार्मिक महत्व

    प्रधानमंत्री मोदी का यहां आगमन इस मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। अब तक किसी भी प्रधानमंत्री ने यहां आकर दर्शन नहीं किए थे। ऐसे में यह दौरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई पहचान देने वाला माना जा रहा है।

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