सुवेंदु अधिकारी PA हत्याकांड: बलिया से कोलकाता तक फैला कत्ल का जाल, 'बड़े चेहरों' के साथ जुड़ा राज सिंह का नाम!
सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में बलिया के राज सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उसके कई बड़े नेताओं और माफिया से गहरे संबंध सामने ...और पढ़ें

सुवेंदु अधिकारी पीए हत्याकांड: बलिया के राज सिंह के मंत्री-विधायक और माफिया से गहरे संपर्क।
HighLights
राज सिंह सुवेंदु अधिकारी के पीए हत्याकांड में गिरफ्तार।
उसके कई बड़े नेताओं और माफिया से संबंध थे।
खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा महासचिव बताता था।
जागरण संवाददाता, बलिया। बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक रहे चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में गिरफ्तार बलिया के आनंद नगर निवासी राज सिंह के कई बड़े नेताओं और माफिया से संपर्क थे। यूपी के कई राजनेताओं के यहां वह आता-जाता था। वह खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताता है।
इसका संबंध प्रदेश सरकार के एक मंत्री, गोंडा के एक राजनेता, जौनपुर के एक विधायक और माफिया से भी बताए जा रहे हैं, जिनके साथ उसकी फोटो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। कोलकाता में गत छह मई की रात मध्यमग्राम में चंद्रनाथ की हत्या की गई थी। कोलकाता पुलिस हत्या के आरोपितों की तलाश में बीते पांच दिन से बिहार और यूपी के पूर्वांचल के जिलों की खाक छान रही थी। इसी दौरान उसे अयोध्या-बस्ती के एक टोल प्लाजा पर हुए यूपीआइ पेमेंट से आरोपितों का सुराग मिला। राज सिंह लखनऊ में शादी से लौट रहा था तभी एटीएस ने दबोच लिया।
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दो दिन पहले ही एमएलसी की पुत्री की शादी समारोह में राज ने साझा किया था रील
राज सिंह अपनी माता जामवंती सिंह के साथ लखनऊ में एक एमएलसी की पुत्री के विवाह समारोह में शामिल होने के दौरान एक रील भी साझा किया था। इसके बाद उसने एक रील साझा किया जिसमें वह खुद को चिलकहर ब्लाक प्रमुख प्रत्याशी दर्शाया है। गनमैन के साथ एक रील में वह मुंछ पर ताव देता भी नजर आ रहा है। वह राज सिंह की गिरफ्तारी को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
स्थानीय लोगों के अनुसार राज सिंह युवाओं के बीच अपनी अलग पहचान और शोहरत बनाने को लेकर हमेशा सक्रिय रहता था। फरवरी माह में वह दो काली स्कार्पियो से करीब 10 युवकों के साथ नगरा तथा गड़वार थाने भी पहुंचा था। हालांकि उस दौरान उसकी थानाध्यक्षों से मुलाकात नहीं हो सकी थी। कई बार वह काफिले लेकर भी चलता था।
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गिरफ्तारी के बाद इंटरनेट मीडिया पर उसकी तेजी से तस्वीरें प्रसारित हो रही हैं। राज ने सिर्फ फेसबुक ही नहीं, इंस्टाग्राम आइडी पर भी मिशन ब्लाक प्रमुख चिलकहर लिखा हुआ है, ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि वह ब्लाक प्रमुख की तैयारी में भी जुटा था। चूंकि वह चिलकहर ब्लाक के गड़वार क्षेत्र के कुरेजी गांव का निवासी है, ऐसे में वह पहले से ही तैयारी में जुट गया था।
भाजपा नेताओं के साथ उसकी सबसे ज्यादा तस्वीरें प्रसारित हो रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार राज सिंह गांव पर कम ही आता था, क्योंकि वहां उसका मकान रहने योग्य स्थिति में नहीं है। वह अधिकतर बलिया के आनंद नगर में रहता था। बलिया आने के बाद वह गड़वार, कुरेजी और चोगड़ा बाजार में रुकता था, फिर नगरा, रसड़ा और चिलकहर क्षेत्र में सक्रिय दिखाई देता था।