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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Chhangur Gang : मतांतरण पीड़ितों को धमकाने वाले छांगुर के तीन शागिर्दों पर मुकदमा, होगी सख्त कार्रवाई

    Updated: Wed, 16 Jul 2025 01:15 PM (IST)

    Chhangur Gang मतांतरण पीड़ित गैंड़ासबुजुर्ग के हरजीत कश्यप की तहरीर पर जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के तीन शागिर्दों चिचूड़ी सहंगिया गांव के रियाज पुत्र मो ...और पढ़ें

    मतांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर
    मतांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर

    HighLights

    1. मीडिया को बयान देने के लिए सरकार बदलने पर जान से मारने की दी जा रही धमकी
    2. छांगुर के गुर्गों की भी बढ़ी माली हैसियत

    जागरण संवाददाता, बलरामपुर : मतांतरण गिरोह के मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर की गिरफ्तारी के बाद अब उसके शागिर्दों के हौसले बुलंद हैं, लेकिन पहले कोई कार्रवाई न करने वाले जिला और पुलिस प्रशासन अब सख्त हो गया है।

    मतांतरण पीड़ितों को धमकाने वाले छांगुर के तीन शागिर्दों पर मुकदमा किया गया हैं, माना जा रहा है कि इनके खिलाफ भी अब सख्त कार्रवाई होगी।

    बलरामपुर में छांगुर के गुर्गों ने अब मतांतरण पीड़ितों को धमकाना शुरू किया है। मीडिया को बयान देने के लिए उन्हें सरकार बदलने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

    मतांतरण पीड़ित गैंड़ासबुजुर्ग के हरजीत कश्यप की तहरीर पर छांगुर के तीन शागिर्दों चिचूड़ी सहंगिया गांव के रियाज पुत्र मोहम्मद अहमद खान व कमालुद्दीन और महुआ बाजार के नव्वाब के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। हरजीत का आरोप है कि उन्होंने सबसे पहले जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के काले कारनामे की शिकायत शुरू की थी। तभी से वह इस गिरोह के निशाने पर थे।

    छांगुर के गुर्गों की भी बढ़ी हैसियत

    उत्तर प्रदेश एटीएस की गिरफ्त में आए मतांतरण गिरोह के सरगना जलालुद्दीन उर्फ छांगुर ने कम समय में ही अपना दायरा बढ़ा लिया था। कभी साइकिल और सेकेंड हैंड बाइक से चलने वाला छांगुर ने भारत के साथ खाड़ी देशों में भी सैकड़ों करोड़ की संपत्ति खड़ी कर ली है।

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    इतना ही नहीं हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर मतांतरण कराने वाले उसके करीबियों की संपत्ति भी तेजी से बढ़ी है। वर्ष 2015 तक छांगुर एक पुरानी बाइक से अंगूठी और नग बेचने का काम करता था। 2020 के बाद संपत्तियां बढ़नी शुरू हुईं। देखते ही देखते वह लग्जरी वाहनों के काफिला से चलने लगा और 2022 तक तो उसकी ठसक इस बढ़ी कि क्षेत्र के बड़े-बड़े लोग भौंचक हैं।

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    छांगुर के पास विदेशों से रुपये आने लगे तो उसकी चाल-ढाल भी बदली और अपने सहयोगियों पर भी वह खर्च करने लगा। उसके रहन-सहन में भी परिवर्तन आया। उसके करीबियों की संपत्तियां भी तेजी से बढ़ने लगीं। एटीएस ने छांगुर से जुड़े 18 लोगों को भी मतांतरण में आरोपी बनाया है। सभी की संपत्तियां भी बढ़ी हैं।

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    एटीएस की जांच में भी यह सामने आया कि तीन-चार वर्षों में बड़े पैमाने पर संपत्तियों में इजाफा हुआ। करीबियों की पड़ताल अभी हो रही है। एटीएस को छांगुर के 14 अन्य सहयोंगियों की तलाश है, जिनसे अहम जानकारी हासिल हो सकेगी।