बलरामपुर में आखिर क्यों यूरिया पाने के लिए 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ रहे किसान? वजह जानकर हो जाएंगे हैरान
बलरामपुर में किसान यूरिया पाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, नेटवर्क समस्या के कारण पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाने के लिए पानी की टंकी की सीढ़िया ...और पढ़ें
-1785442003372_m.webp)
बी- पैक्स सहकारी समिति कोहड़ौरा में पानी टंकी की सीढ़ी पर बैठक कर अगूठा लगाने की प्रक्रिया पूरी करते किसान और कोहड़ौरा में पानी टंकी के पास मौजूद किसान
HighLights
किसान यूरिया के लिए पानी की टंकी पर अंगूठा लगाने को मजबूर।
नेटवर्क समस्या के कारण पीओएस मशीन से यूरिया वितरण में बाधा।
किसानों की जान जोखिम में, अव्यवस्थाओं पर जांच के आदेश।
जागरण संवाददाता, बलरामपुर। यूरिया पाने को अब किसानों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। कारण, समिति में भारी अव्यवस्थाओं के बीच किसान कतार लगाकर पीओएस मशीन में अंगूठा लगाने को विवश हैं। इसका ताजा उदाहरण बी- पैक्स सहकारी समिति कोहड़ौरा में देखने को मिला।
किसानों को लगभग 100 फीट ऊंची पानी की टंकी की सीढ़ियों पर चढ़ाकर पीओएस मशीन में अंगूठा लगवाया जा रहा है। इससे किसी दिन बड़ी अनहोनी हो सकती है। कमोवेश यही हाल अन्य समितियों का भी है, जहां कहीं जर्जर भवन तो कहीं लटकते ढीले बिजली तारों के नीचे किसान यूरिया के लिए कतार लगाने को विवश हैं।
धान और गन्ने की फसल में यूरिया छिड़काव का मुख्य समय है। किसान यूरिया के लिए समितियों पर पहुंच रहे हैं। समितियों पर यूरिया का स्टाक भरपूर है, लेकिन नेटवर्क की परेशानी से किसानों को प्रतीक्षा के बाद उर्वरक मिल रहा है।
बुधवार को बी- पैक्स सहकारी समिति कोहड़ौरा के सचिव काशी प्रसाद तिवारी पोओएस मशीन लेकर पानी टंकी की करीब 30 सीढ़ी के ऊपर चढ़कर किसानों का अंगूठा लगवाकर उर्वरक वितरण किया। इसी तरह अन्य समितियों पर भी सर्वर की परेशानी का किसानों को सामना करना पड़ता है।
यह भी पढ़ें- पीएम सूर्य घर मुफ्त योजना से उपभोक्ताओं का कम हुआ बिजली बिल, बलरामपुर में लोगों को मिल रहा लाभ
किसान राजेश, भूर्रे, राम कुमार व केशव ने बताया कि समितियों पर यूरिया रखी है, लेकिन समय पर मिल नहीं पा रही है। इसका कारण सर्वर की सुस्त चाल है। कई घंटे प्रतीक्षा के बाद एक से दो बाेरी यूरिया मिलती है। उसमें भी सीलन लगी होती है।
जिले में 131 में से 96 समितियां संचालित हैं। इन समितियों में 96 हजार किसान सदस्य हैं। इसमें से 36 हजार किसानों को खरीफ फसल के लिए उर्वरक दी जा चुकी है। 50 हजार ऐसे किसान हैं जिन्होंने एक बार उर्वरक प्राप्त किया है। मोबाइल पर संदेश देने के बाद भी 10 हजार किसान उर्वरक लेने नहीं पहुंचे।
खबरें और भी
22 जुलाई से सर्वर सही चल रहा है। वितरण में किसी तरह की दिक्कत नहीं है। एक-दो स्थानों पर इंटरनेट नेटवर्क की दिक्कत हो सकती है। 24 हजार बोरी यूरिया समितियों पर उपलब्ध है। 21,684 बोरी का आवंटन गुरुवार को किया गया है। समितियों पर 3620 बोरी डीएपी उपलब्ध है। एक लाख 18 हजार बोरी यूरिया पीसीएफ के बफर गोदाम में है। पानी टंकी पर पीओएस मशीन लेकर वितरण करना गलत है। एडीओ सहकारिता जनार्दन प्रसाद को जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विजय मिश्र, एडीसीओ सहकारिता