फिरोज पप्पू हत्याकांड: पूर्व सांसद रिजवान जहीर समेत बेटी और दामाद बरी, दो आरोपितों पर फैसला सुरक्षित
बलरामपुर के फिरोज पप्पू हत्याकांड में पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी और दामाद को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। सह-अभियुक्तों मेराजुल हक और ...और पढ़ें

फिरोज पप्पू हत्याकांड में पूर्व सांसद रिजवान जहीर समेत बेटी और दामाद बरी।
HighLights
पूर्व सांसद रिजवान जहीर, बेटी, दामाद साक्ष्य के अभाव में बरी।
सह-अभियुक्तों मेराजुल हक और महफूज पर फैसला 11 अगस्त को।
हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट के मामलों में भी दोषमुक्त।
जागरण संवाददाता, बलरामपुर। जिले के बहुचर्चित पूर्व चेयरमैन फिरोज पप्पू हत्याकांड में शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया गया। एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश प्रदीप कुमार तृतीय ने पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज नेमत को हत्या के मामले में साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
वहीं, सह अभियुक्त मेराजुलहक और महफूज को दोषी मानते हुए अदालत ने फैसला 11 अगस्त के लिए सुरक्षित रखा है। हत्या के प्रयास और गैंग्सटर एक्ट मामलों में भी दोषमुक्त कर दिया गया।
चार जनवरी 2022 की रात तुलसीपुर-जरवा मार्ग पर तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष फिरोज अहमद उर्फ पप्पू की घर जाते समय गली में पहले से घात लगाए हमलावरों ने धारदार हथियार और राड से वार करके हत्या कर दी थी।
इस मामले में मृतक के भाई अफरोज की तहरीर पर तुलसीपुर थाना में पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान, दामाद रमीज नेमत, महफूज, व मेराजुल हक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने घटना के कुछ दिन बाद पूर्व सांसद समेत अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विवेचना पूरी होने के बाद पांचों आरोपितों के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था।
45 तिथियों पर सुनवाई और 13 गवाहों के हुए बयान
करीब चार वर्ष तक चले इस चर्चित मुकदमे में अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपने-अपने साक्ष्य एवं तर्क अदालत के समक्ष रखे। पूर्व सांसद के अधिवक्ता डा. राजेश त्रिपाठी के अनुसार मामले में करीब 45 तिथियों पर सुनवाई हुई तथा 13 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए रिजवान जहीर, जेबा रिजवान और रमीज नेमत को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया, जबकि सह अभियुक्त मेराजुल हक और महफूज के संबंध में फैसला 11 अगस्त तक सुरक्षित रखा।
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अधिवक्ता डॉ. राजेश त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2022 में ही तुलसीपुर थाने की पुलिस ने पूर्व सांसद सहित हत्या के मामले में नामजद पांचों आरोपितों के खिलाफ गैंग्सटर एक्ट का मामला दर्ज किया था।
इसके अलावा पूर्व विधायक अब्दुल मसूद के भाई महमूद ने पूर्व सांसद व उनके दामाद रमीज नेमत पर हत्या के प्रयास का मुकदमा वर्ष 2022 में दर्ज कराया था। इन सभी मामलों की सुनवाई भी इसी अदालत में चल रही थी।
उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने इन दोनों मामलों में भी सभी आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया। अब हत्या के मुख्य मुकदमे में शेष दो आरोपितों के संबंध में फैसला सुनाया जाएगा।
न्यायपालिका पर था पूरा विश्वास: पूर्व सांसद
फैसला आने के बाद अदालत से बाहर निकले पूर्व सांसद रिजवान जहीर और उनकी बेटी जेबा रिजवान ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था और न्यायालय ने तथ्यों के आधार पर निर्णय दिया है। न्याय की जीत हुई है। इससे पहले पूर्व चेयरमैन फिरोज पप्पू हत्याकांड के फैसले को लेकर शुक्रवार को सुबह से ही न्यायालय परिसर में भीड़ रही। बड़ी संख्या में अधिवक्ता, समर्थक और आम लोग परिसर में मौजूद रहे।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीओ सिटी अभिषेक सिंह, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात गिरिजेश त्रिपाठी समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। शाम करीब साढ़े चार बजे फैसला सुनाए जाने से पहले सुरक्षा कारणों से पुलिस ने न्यायालय परिसर को खाली कराया।