घूस लेते LDA इंजीनियर के साथ गिरफ्तार बिचौलिए से मोबाइल और डायरी बरामद, अवैध वसूली नेटवर्क का खुलासा
लखनऊ में घूस लेते पकड़े गए बिचौलिए श्रवण कुमार से बरामद मोबाइल और डायरी से LDA में अवैध वसूली के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इसमें कई इंजीनियरों, अ ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
बिचौलिए से मोबाइल-डायरी बरामद, अवैध वसूली नेटवर्क का खुलासा।
डायरी में LDA के इंजीनियरों, अधिकारियों के नाम दर्ज।
जांच का दायरा बढ़ाने को शासन से अनुमति मांगी जाएगी।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अमराई के माल मालिक से घूस लेते हुए एलडीए अभियंता के साथ गिरफ्तार बिचौलिए श्रवण कुमार से सतर्कता अधिकारियों ने एक मोबाइल, डायरी बरामद किया है। इसमें एलडीए के चार अभियंता, तीन अधिकारियों और 10 बिचौलियों से लेन-देन का विवरण दर्ज है। पूछताछ में श्रवण ने एलडीए में फैले अवैध वसूली नेटवर्क का खुलासा किया है।
यह दायरा इतना व्यापक है कि जांच आगे बढ़ाने के लिए लिए सतर्कता अधिष्ठान को शासन से अनुमति की आवश्यकता है। इसके लिए सतर्कता अधिष्ठान जल्द गृह विभाग और डीजीपी को रिपोर्ट भेजेगा।
सतर्कता अधिकारियों ने गुरुवार की शाम बिचौलिये श्रवण कुमार को दो दिनों की पुलिस अभिरक्षा रिमांड पर लिया। पूछताछ के दौरान उसने एक मोबाइल और डायरी बरामद करायी है। जिसमें निर्माण की शिकायत और फिर उससे वसूली का विवरण दर्ज है। एलडीए के अधीक्षण, अधिशासी अभियंता स्तर के अभियंता और तीन अधिकारियों के नाम हैं।
पूछताछ में श्रवण कुमार ने बताया कि वह पिछले कई सालों से शिकायत और फिर उसके निस्तारण के नाम पर वसूली कर रहा है। इसमें एलडीए के अधिकारियों, इंजीनियरों की संलिप्तता है।
सूत्रों का कहना है कि डायरी में कई बड़े लोगों के नाम हैं। इससे अवैध वसूली गैंग का दायरा बहुत व्यापक होने की आशंका है।जिसकी जांच को बढ़ाने के लिए शासन से अनुमति मांगी जाएगी।
एक अगस्त को सर्तकता अधिष्ठान की महानिरीक्षक मंजिल सैनी की निगरानी में सतर्कता दल ने एलडीए के अवर अभियंता दिनेश वर्मा, सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश और श्रवण कुमार को अमराई के एक माल मालिक से 7.50 लाख रुपए घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
इस केस से जुड़े साक्ष्य जुटाने के लिए अधिकारियों ने बिचौलिये श्रवण कुमार को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। नियमों के मुताबिक सतर्कता अधिष्ठान की जांच ट्रैप से जुड़े व्यक्तियों के इर्द-गिर्द तक ही सीमित होती है। इसलिए सतर्कता अधिकारियों ने पुलिस अभिरक्षा में श्रवण के राजफाश पर एक रिपोर्ट शासन को भेजेगा।