बांदा में बेटियों की शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान, 10 करोड़ की लागत से दो कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल तैयार
बांदा में 10 करोड़ की लागत से दो नए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बनकर तैयार हुए हैं, जो 800 छात्राओं को कक्षा 9 से 12 तक आवासीय शिक्षा प्रदान ...और पढ़ें
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बबेरू के पल्हरी में तैयार हुआ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और नरैनी ब्लाक के रगौली भटपुरा करतल में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बनकर तैयार
HighLights
बांदा में 10 करोड़ के दो कस्तूरबा विद्यालय तैयार।
800 छात्राओं को कक्षा 9-12 तक आवासीय शिक्षा मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी ने किया लोकार्पण, बालिका शिक्षा को बढ़ावा।
जागरण संवाददाता, बांदा। जिले में बालिका शिक्षा को नई मजबूती मिलने जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को अब कक्षा नौ से 12 तक की पढ़ाई के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल के साथ आवासीय सुविधा भी मिलेगी। बबेरू के पल्हरी में स्थित और नरैनी के रगौली भटपुरा करतल में स्थित करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से दो नए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बनकर तैयार हो गए हैं।
इन दोनों विद्यालयों में कुल 800 छात्राओं के पढ़ने और रहने की व्यवस्था होगी। दोनों विद्यालयों को निर्माण कार्यदायी संस्था सीएनडीएस ने बेसिक शिक्षा विभाग को हैंडओवर भी कर दिया है। जिले में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करीब दो वर्ष पहले चार कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय स्वीकृत किए गए थे।
इनमें बबेरू, नरैनी, बिसंडा और बड़ोखर खुर्द शामिल हैं। प्रत्येक विद्यालय के निर्माण पर करीब पांच करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई थी। इनमें से बबेरू और नरैनी के विद्यालयों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं बिसंडा और बड़ोखर खुर्द में निर्माण पूरा होने के बाद हैंडओवर की प्रक्रिया चल रही है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया था लोकार्पण
नए बने विद्यालयों में छात्राओं की पढ़ाई के लिए एकेडमिक ब्लॉक व रहने के लिए बालिका छात्रावास की व्यवस्था की गई है। दोनों विद्यालयों में कक्षा नौ से 12 तक की पढ़ाई कराई जाएगी। प्रत्येक विद्यालय में चारों कक्षाओं में 100-100 छात्राओं के प्रवेश की क्षमता तय की गई है। इस हिसाब से एक विद्यालय में 400 और दोनों विद्यालयों में कुल 800 छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौ जुलाई को बांदा आगमन के दौरान बबेरू और नरैनी के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का लोकार्पण किया था। दोनों विद्यालयों में कक्षा नौ में 25-25 छात्राओं का प्रवेश भी हो चुका है। वर्तमान में इन छात्राओं की आनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विद्यालयों में नियमित कक्षाओं का संचालन करीब एक माह बाद शुरू कराया जाएगा। इसके पीछे मुख्य वजह विद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पूरी करना है। छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए दोनों विद्यालयों में बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जा रहा है।
विभाग का कहना है कि विद्यालय स्वीकृत होने के समय बाउंड्रीवाल का प्रावधान नहीं था, लेकिन अब इसकी जरूरत को देखते हुए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और काम शुरू हो गया है। नरैनी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में एकेडमिक ब्लॉक और छात्रावास भवन का निर्माण 19 फरवरी 2024 को शुरू हुआ था। निर्माण कार्य को 31 दिसंबर 2025 तक पूरा किया जाना था।
वहीं बबेरू विद्यालय के भवन निर्माण की समय सीमा भी दिसंबर 2025 निर्धारित थी, लेकिन ठेकेदार की देरी के कारण इसका निर्माण करीब छह माह बाद पूरा हो सका। दोनों विद्यालयों के निर्माण में करीब पांच-पांच करोड़ रुपये की लागत आई है। दोनों विद्यालयों के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को दी गई थी।
बबेरू विद्यालय का निर्माण एसपी एसोसिएट्स और नरैनी विद्यालय का निर्माण अभय कंस्ट्रक्शन ने कराया है। विद्यालयों के शुरू होने से उन परिवारों की बेटियों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा, जिन्हें दूर के क्षेत्रों में पढ़ाई के लिए आवागमन की परेशानी उठानी पड़ती थी। अब उन्हें अपने जिले में ही कक्षा 12 तक की शिक्षा के साथ रहने और पढ़ने की सुविधा मिल सकेगी।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है। नए विद्यालयों के शुरू होने से जिले में माध्यमिक स्तर पर बालिका शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और अधिक छात्राएं अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ा सकेंगी।
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बिसंडा-बड़ोखर खुर्द का भी काम पूरा हैंडओवर की प्रक्रिया चल रही
बिसंडा व बड़ोखर खुर्द में भी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के एकेडमिक ब्लाक और बालिका छात्रावास भवन का निर्माण करीब पांच-पांच करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। दोनों विद्यालयों का सीडीओ अजय पांडेय की अध्यक्षता में लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंताओं की टीम ने निरीक्षण किया था।
निरीक्षण में मिली कमियों को दूर करने के निर्देश कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को दिए गए थे। संस्था ने कमियां दूर कर रिपोर्ट भी सौंप दी है। अब दोनों विद्यालयों के हैंडओवर की प्रक्रिया भी चल रही है।
चारों कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का निर्माण कार्य पूरा कराया जा रहा है। बबेरू और नरैनी विद्यालय हैंडओवर हो चुके हैं, जबकि बिसंडा और बड़ोखर खुर्द की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
रंजीत कुमार, परियोजना प्रबंधक, सीएनडीएस