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    बच्चों का क्रांतिकारी कदम: DM Sir! सड़क बनवा दो वरना पढ़ाई छोड़ देंगे, बांदा में दलदल के खिलाफ नौनिहालों ने खोला मोर्चा

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 07:02 PM (GMT+05:30)

    बांदा के अतर्रा क्षेत्र में वर्षों से पक्की सड़क न होने के कारण स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को दलदल भरे रास्ते से आवागमन करना पड़ रहा है। समस्या से परे ...और पढ़ें

    हाथों में तख्तियां लिए स्कूली बच्चे व मौजूद ग्रामीण। जागरण

    हाथों में तख्तियां लिए स्कूली बच्चे व मौजूद ग्रामीण। जागरण 

    HighLights

    1. दलदल रास्ते से प्रभावित हुई पढ़ाई तो बच्चों के साथ डीएम के चौखट पर पहुंचे ग्रामीण

    2. अतर्रा ग्रामीण के मजरा भूरा यादव का पुरवा के लिए नहीं है पक्का रास्ता

    3. एडीएम ने सिंचाई विभाग के केन कैनाल के अधिशाषी अभियंता को दिए निर्देश

    जागरण संवाददाता, बांदा। वर्षाें से दलदलयुक्त रास्ते से आवागमन करने पर मजबूर ग्रामीण स्कूली बच्चों के साथ डीएम की चौखट पर अपना दर्द बयां किया। ज्ञापन देते हुए बताया कि करीब 40 वर्षो से केन कैनाल की पटरी के एक किलोमीटर दलदल भरे रास्ते होकर आवागमन करते हैं। कीचड़ होने से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। यदि यह रास्ता नहीं बना तो अब वह अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।

    यह भी बताया कि वह इसके लिए करीब चार वर्ष से प्रयास कर रहे हैं, अब तक आश्वासन ही मिला है। इसके लिए डीएम, विधायक से फरियाद करने के साथ नेशनल हाईवे भी जाम कर चुके हैं। लेकिन आज तक रास्ता नहीं बना। ज्ञापन लेकर एडीएम नमामि गंगे ने सिंचाई विभाग केन कैनाल के अधिशाषी अभियंता को मार्ग बनवाने के निर्देश दिए हैं।

    अतर्रा ग्रामीण के भूरा यादव का पुरवा करीब 40 वर्ष पहले कस्बे से एक किलोमीटर दूर बस गया था। यहां के आवागमन के लिए केन कैनाल नहर की पटरी का उपयोग करते रहे। अब तक यहां आधा सैकड़ा मकान बन गये हैं। करीब 500 आबादी वाले इस मजरे के 32 बच्चे पढ़ाई करने के लिए अतर्रा कस्बे दलदलयुक्त केन कैनाल नहर की पटरी से होकर आते-जाते हैं। सबसे ज्यादा समस्या वर्षाकाल में होती है। यह बच्चे एक सप्ताह से रास्ता सूखने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन बीच-बीच बारिश हो जाने से रास्ता कीचड़युक्त हो जा रहा था।

    Banda Villagers Reach DM Office with School children Over Muddy Road Crisis

    भूरा यादव का पुरवा के लिए बना कीचड़युक्त रास्ता। जागरण 

    ट्रैक्टर ट्राली से पहुंचे बच्चे

    बुधवार को आधा सैकड़ा ग्रामीण एक दर्जन से अधिक स्कूली बच्चों को ट्रैक्टर-ट्राली में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यह सभी बच्चे एक से पांचवीं कक्षा तक के थे। बच्चे हाथों में रास्ता नहीं तो स्कूल नहीं लिखी तख्तियां लिये हुए थे। ग्रामीणों ने डीएम के अनुपस्थिति में एडीएम नमामि गंगे को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि वह इस रास्ते के बनवाने की मांग बीते पांच वर्षाें से कर रहे हैं। इसके लिए कई बार तहसील दिवस, डीएम से मांग करने के बाद मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा।

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    जाम लगा धरना भी दे चुके ग्रामीण

    सुनवाई न होने पर उन्होंने वर्ष 2024 में अतर्रा कस्बे में झांसी-मिरजापुर पर जाम लगा कर धरने पर बैठ गये। लेकिन सीओ के कहने पर वह एक घंटे में उठ गये थे। अभी कुछ दिन पहले तहसील दिवस में व बाद सदर विधायक से समस्या बताई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस दौरान संतशरण यादव, बाबूलाल, घनश्याम, रमेश, राजबहादुर, राजकिशोर, राजेश, देवकुमार, अच्छेलाल, नीता देवी, सुंता देवी समेत बच्चों में अंश, मयंक, विपिन, शिव, नमन, सूरज आदि शामिल रहे।

    सिंचाई विभाग के अंतर्गत केन कैनाल नहर क्षेत्र में आता है, अधिशाषी अभियंता को इसे बनवाने को लेकर कहा गया है। बारिश के समय में अभी तो नहीं बन पाएंगी पर मौरंग व डस्ट आदि डालकर निकलने लायक बनाया जा सकता है।
    मदन मोहन, एडीएम नमामि गंगे, बांदा

    शिकायत मेरे संज्ञान में है। संबंधित विभाग से भी बातचीत की गई है। जल्द ही समस्या का निस्तारण कराया जाएगा।
    प्रकाश द्विवेदी, सदर विधायक

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