प्रदेश की सभी किशोरियों को अब एचपीवी वैक्सीन की लगेंगी तीन डोज: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उत्तर प्रदेश में 15 वर्ष से अधिक आयु की किशोरियों के लिए सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी टीके की तीन खुराकें अनिवार्य करन ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, बाराबंकी। प्रदेश के सभी जिलों में अब 15 वर्ष से अधिक आयु की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए विशेष टीका कार्यक्रम शुरू करने का आदेश राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिया है। अब तक केवल 14 वर्ष तक किशोरियों को संबंधित टीका लगाया जाता था।
मंगलवार को बाराबंकी के राजकीय संप्रेक्षण गृह में राज्यपाल ने टीका केंद्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग को इस नवीन आदेश पर अमल करने को कहा है। साथ ही सामान्य मामलों में निरुद्ध बालिकाओं की पैरवी कर निस्तारण कराने का आदेश जिला एवं पुलिस प्रशासन को दिए हैं।
नवीन आदेश के क्रम में अब सभी किशोरियों को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन की तीन डोज अनिवार्य कर दी है। राज्यपाल ने पात्र बालिकाओं को अपने सामने टीका लगवाए।
राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट के चिकित्सकों की टीम से बात की और कहा 14-15 वर्ष तक की किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन की एक डोज और इससे अधिक आयु की किशोरियों को तीन डोज अनिवार्य रूप से अभियान की रूपरेखा तय की। राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, डीएम ईशान प्रताप सिंह, एसपी अर्पित विजयवर्गीय, सीडीओ अन्ना सुधन, डीपीओ सूरज सिंह, पूनम मिश्रा मौजूद रहे।
बालिकाओं ने बतायी अपनी बात, दिखाया हुनर
संप्रेक्षण गृह में निवास कर रहीं 35 विधिक उल्लंघन की बालिकाओं से राज्यपाल ने परिचय पूछा और दिनचर्या, पढ़ाई और प्रशिक्षण की जानकारी ली। संप्रेक्षण गृह में बालिकाओं के मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा।
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बालिकाओं द्वारा तैयार व्यंजन मोमोज, वेज रोल, चाउमीन, बर्गर, समोसा, चाट और डोसा प्रदर्शन देखा। सिलाई, कढ़ाई, बुनाई तथा विभिन्न सजावटी वस्तुएं बनाने वाली बालिकाओं ने अपना हुनर दिखाया।
केजीबीवी की छात्राओं ने बताया अपना सपना
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (केजीबीवी) बंकी की तीन छात्राओं से राज्यपाल ने रुचि, पढ़ाई और भविष्य की योजना जानी। कक्षा 11 की छात्रा प्रिया ने आइएएस, कक्षा 10 की मानसी आइपीएस और कक्षा नौ की छात्रा सानिया डाक्टर बनने का लक्ष्य बताया। छात्राओं को चाकलेट, डायरी, पेन, कपड़े और फल से भरा बैग राज्यपाल ने दिया।
प्रशिक्षण और परामर्श से बदल रही जिंदगी
संप्रेक्षण गृह में जघन्य अपराधों से जुड़े मामलों में निरुद्ध किशोरियों को शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और मनोवैज्ञानिक परामर्श मिल रहा है।
हत्या जैसे गंभीर मामलों की आरोपित बालिकाओं की काउंसिलिंग कर उनके व्यवहार और सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा रहा है। राज्यपाल ने इन बालिकाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने को निरंतर मुहिम चलाने की बात कही।
गतिविधियों का जाना दैनिक चार्ट
बालिकाओं के लिए सुबह की चाय और नाश्ते से लेकर योग, पढ़ाई, नृत्य, खेलकूद तथा अन्य गतिविधियों का दैनिक चार्ट तैयार भी राज्यपाल ने देखा।
बालिकाओं को चूड़ी, जूट बैग, राखी, बिंदी, सिंदूर, आभूषण, बेडशीट, कंगन, दीपक, बच्चों के कपड़े, ढोलक और अन्य सजावटी वस्तुओं के निर्माण के प्रशिक्षण व्यवस्था भी देखी। मनोचिकित्सक डा. एके जिलानी की टीम बालिकाओं की मनोदशा का अध्ययन कर उपचार करती है।
मांगा किशोरियों के अपराध का विवरण
राज्यपाल ने अधिकारियों से वार्ता में यहां सामान्य मामलों में निरुद्ध किशोरियों की जमानत में आ रहीं अड़चन को दूर करने की पैरवी तेज करने को कहा। सभी 34 किशोरियों के अपराध का विवरण जनभवन भेजने का आदेश दिया। राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, डीएम ईशान प्रताप सिंह व एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने मूल स्थिति से अवगत करवाया।
एचपीवी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस का टीकाकरण की स्थिति
किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव को एचपीवी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस का टीकाकरण छह अप्रैल से शुरू हुआ। 14 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों का टीकाकरण के लिए 25 केंद्र बने हैं। 38 हजार 800 किशोरियों को टीका लगने हैं। 1004 को टीका लग चुके हैं।
शहरी क्षेत्र के उपकेंद्र बंकी, बनवा, कुरौली व पल्हरी पर एक भी किशोरी को टीका नहीं लगाया गया है। सीएचसी बड़ागांव में 34, घुंघटेर में 15, हैदरगढ़ में 7, बड़ेल में 98, चंदौली में 6, जाटा बरौली में 10, धरसनिया में 21, जहांगीराबाद में तीन, बनीकोड़र में 32, सिरौलीगौसपुर में 17, टिकैतनगर में 88, त्रिवेदीगंज में 23, दरियाबाद में 386, देवा में 55, जिला महिला अस्पताल 71, फतेहपुर में 25, सतरिख में 10, रामनगर में 31, सिद्धौर में चार, सूरतगंज में 68 किशोरियों को टीके अब तक लगाए गए हैं।