'भारत संस्कृतियों का संगम, परंपराओं का महासागर है', जनभवन लखनऊ में अरुणाचल प्रदेश के डेलिगेशन से बोलीं राज्यपाल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के तहत युवा संगम कार्यक्रम में अरुणाचल प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल से संवाद किया। उन्होंने भारत की सांस्क ...और पढ़ें

राजभवन में अरुणाचल प्रदेश के डेलिगेशन से बोलीं राज्यपाल। फाइल फोटो

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत युवा संगम चरण-छह के तहत मंगलवार को जनभवन में अरुणाचल प्रदेश से आए प्रतिनिधि मंडल के साथ एक विशेष संवाद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
अरुणाचल प्रदेश की कला एवं संस्कृति, खानपान, पर्यटन स्थलों तथा राज्य में हो रहे विकास को दर्शाती एक डाक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। राज्य के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत एवं आर्थिक परिदृश्य पर प्रस्तुतीकरण दिया गया।
छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक लोक नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि भारत में संस्कृतियों का संगम, परंपराओं का महासागर एवं मानवता का मंदिर है। कहा कि प्रस्तुतियों को देखकर अरुणाचल प्रदेश जाने की इच्छा प्रबल होती है।
राज्यपाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में लगभग प्रत्येक पांच किलोमीटर की दूरी पर बहती नदियां वातावरण को रमणीक बनाती हैं। बादल समीप से गुजरते प्रतीत होते हैं। घने बादलों के कारण यातायात को भी रोकना पड़ता है।
तवांग के सौन्दर्य की सराहना की। बताया कि वहां शहीदों को श्रद्धांजलि देने की एक विशिष्ट परंपरा है, जिसमें लोग पत्थर एकत्रित कर निर्धारित स्थलों पर अर्पित करते हैं। राज्यपाल ने शिक्षा मंत्रालय व केंद्र सरकार द्वारा संचालित युवा संगम कार्यक्रम को भारत की आत्मा को समझने और उसे आत्मसात करने का एक अभिनव अभियान बताया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” को साकार करने के प्रयासों को सराहा। उपस्थित युवाओं को भारत की विविधता का सजीव दूत कहा। काशी की आध्यात्मिकता, अयोध्या की आस्था तथा मथुरा-वृंदावन की भक्ति को अलौकिक कहा।
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राज्यपाल ने कहा कि भारत की संस्कृति “वसुधैव कुटुंबकम” का संदेश देती है। यहां सीमाएं नहीं, संवेदनाएं जुड़ती हैं; भिन्नताएं नहीं, भावनाएं बोलती हैं। कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी पहल के परिणामस्वरूप नीदरलैंड, स्वीडन तथा संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के साथ व्यापार समझौते एवं अन्य महत्वपूर्ण साझेदारियां स्थापित हुई हैं।
जो भारत के युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोल रही हैं। इस अवसर पर अरूणाचल प्रदेश से आये प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल को शाल व जैकेट पहनाकर सम्मानित किया।
विशेष कार्याधिकारी राज्यपाल (अपर मुख्य सचिव स्तर) डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, नार्थ ईस्टर्न रीजनल इंस्टीट्यूट आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी व भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ से प्रतिनिधिमंडल तथा अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए छात्र-छात्राएं, अध्यापकगण एवं जनभवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।