बाराबंकी में एमडी ड्रग्स का बढ़ता जाल, मुंबई से हो रहा सप्लाई; नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
बाराबंकी में एमडी ड्रग्स का जाल तेजी से फैल रहा है, जिसकी सप्लाई मुंबई से हो रही है और युवा पीढ़ी को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस ने 15 माह में तीन ब ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
एमडी ड्रग्स का जाल बाराबंकी में तेजी से फैल रहा है।
मुंबई से हो रही है ड्रग्स की मुख्य सप्लाई।
पुलिस ने 15 माह में तीन बड़ी कार्रवाई की।
निरंकार जायसवाल, बाराबंकी। रेव पार्टियों और रईसों का नशा माना जाने वाला एमडी (मेफेड्रोन/मेटामफेटामाइन) अब नई पीढ़ी के युवाओं तक तेजी से फैल रहा है। कम मात्रा में तेज नशा देने वाला यह सिंथेटिक ड्रग पहले बड़े शहरों के क्लब और हाई-प्रोफाइल पार्टियों तक सीमित माना जाता था, लेकिन तस्कर अब दायरा छोटे शहरों तक फैला रहे हैं। जिले में 15 माह में तीन कार्रवाई ने खतरनाक नेटवर्क की परतें खोल दी हैं।
31 जुलाई को सफदरगंज पुलिस ने 148 ग्राम एमडी के साथ चार तस्कर पकड़े गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आजमगढ़ का एक आरोपित मुंबई से एमडी लाकर बाराबंकी और आसपास के जिलों में सप्लाई करता था। पुलिस ने आजमगढ़ और जौनपुर के दो आरोपितों को वांछित किया है। आजमगढ़ का वांछित तस्कर मुम्बई से मेफड्रोन सप्लाई करता है।
31 जुलाई को ही केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने हैदरगढ़ के भीलवल स्थित एक बीज भंडार से 53 ग्राम एमडी, 342 ग्राम संदिग्ध मार्फिन और 300 ग्राम संदिग्ध सफेद पाउडर बरामद किया। 16 अप्रैल 2025 में भी सतरिख पुलिस ने एक युवक को एमडी के साथ पकड़ा था। यह जिले में मेफेड्रोन की पहली अधिकृत बरामदगी थी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि तस्कर अब इंटरनेट मीडिया, पार्टी कल्चर और तेजी से बदलती जीवनशैली का फायदा उठाकर युवा पीढ़ी को निशाना बना रहे हैं। लगातार बरामदगी से साफ है कि बाराबंकी केवल उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई चेन का भी हिस्सा बनता जा रहा है।
मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ निरंतर अभियान चलता है, जिसके तहत लगातार पुलिस तस्करों पर कार्रवाई करती है। मेफेड्रोन के नशे पर विशेष नजर रखी जा रही है। जुड़े तस्करों पर सख्त कार्रवाई की रणनीति भी तैयार की गई है।- अर्पित विजयवर्गीय, पुलिस अधीक्षक बाराबंकी