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बाराबंकी चीनी मिल घोटाला: CBI जांच और ED कुर्की के बावजूद अवैध निर्माण जारी

Published: Tue, 18 Aug 2026 08:06 PM (IST)

बाराबंकी चीनी मिल घोटाले की सीबीआई जांच और ईडी द्वारा संपत्ति कुर्क किए जाने के बावजूद मिल परिसर में अवैध ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बाराबंकी चीनी मिल घोटाले की सीबीआई जांच चल रही है।

  2. ईडी ने चीनी मिल की संपत्ति को कुर्क कर रखा है।

  3. कुर्क जमीन पर अवैध निर्माण और प्लाटिंग धड़ल्ले से जारी है।

प्रेम अवस्थी, बाराबंकी। बंद पड़ी स्थानीय बाराबंकी चीनी मिल घोटाले की सीबीआइ जांच चल रही है। चीनी मिल की सपंत्ति को ईडी ने कुर्क कर रखा है। बावजूद चीनी मिल परिसर व आसपास की जमीन पर निर्माण हो रहे हैं।

प्लाटिंग कर भूखंड भी बेचे जा रहे हैं। मिल के सामने निर्माण तो पीछे प्लाटिंग कर दी गई है। बताया जाता है कि कुछ लोगों ने चीनी मिल संचालन से पहले अपने पूर्वजों के नाम दर्ज जमीन के दस्तावेजों के आधार पर कब्जा किया है।

चीनी मिल परिसर में मिले चौकीदार वृद्ध राम आशीष प्रजापति ने बताया कि हैं कि मिल की जमीन पर अवैध निर्माण व प्लाटिंग के मामले में वह अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर अवगत कराते हैं।

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यह है पूरा मामला

देवा रोड पर एफसीआइ रेलवे क्रासिंग के पास से चीनी मिल का परिसर शुरू हो जाता है। इसी रास्ते के किनारे निर्माण हो रहा है और प्लाटिंग भी है, जबकि वर्ष 2011 में जब चीनी मिल बिकने के बाद तब उसके बाद हुई पैमाइश में देवा रोड के पूरब ग्रीडगंज तक बने करीब पांच सौ से ज्यादा भवन भी चीनी मिल की जमीन के दायरे में होने की तत्कालीन एसडीएम सदर रहे सुनील कुमार चौधरी ने बताई थी।

मालियत के अनुसार, स्टांप शुल्क न लिए जाने को लेकर बाद वर्ष 2012 में सत्ता परिवर्तन होते ही जांच शुरू हो गई और कब्जा परिवर्तन रुक गया था।

योगी सरकार ने की कड़ी कार्रवाई

वर्ष 2017 में भाजपा की योगी सरकार की 12 अप्रैल 2019 को केंद्र सरकार से सिफारिश पर सीबीआइ जांच शुरू हुई। 26 अप्रैल 2019 को सीबीआई ने चीनी मिल बिक्री घोटाले में लखनऊ की एंटी करप्सन ब्रांच में एफआइआर दर्ज की। नौ मार्च 2021 को ईडी ने बाराबंकी चीनी मिल समेत सात मिलों को कुर्क किया।

चीनी मिल की जमीन पर अवैध निर्माण या मिल स्थापना के पहले के दस्तावेजों के आधार पर कब्जों के मामले की जांच कर कार्रवाई कराएंगी।

-गुंजिता अग्रवाल, संयुक्त मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर बाराबंकी

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