बाराबंकी में ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री बेहाल, सुविधाओं का अभाव
गर्मी के मौसम में बाराबंकी में ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री परेशान हैं। लखनऊ इंटरसिटी और गंगा सतलज एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। ...और पढ़ें
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HighLights
ट्रेनें घंटों देरी से चलने के कारण यात्री परेशान।
स्टेशनों पर पर्याप्त बैठने की व्यवस्था का अभाव।
धूप में इंतजार करते यात्रियों को असुविधा।
संवाद सूत्र, बाराबंकी। गर्मी का मौसम और ट्रेनों की लेटलतीफी यात्रियों को खल रही है। दोहरीकरण लाइन के बावजूद देर से स्टेशनों पर पहुंच रही ट्रेनों के कारण यात्री इंतजार करने में परेशान हैं। जितना दर्द ट्रेनों के इंतजार से बढ़ता है, उससे कहीं ज्यादा स्टेशनों पर यात्रियों सुविधाओं के न होने से। बैठने को पर्याप्त बेंच हैं, न ही अन्य सुविधाएं। जिससे यात्रियों को समस्याओं का सामना करना हर दिन पड़ रहा है।
मुख्यालय पर स्थित रेलवे जंक्शन से दो मार्गों पर ट्रेनों का संचालन है। एक रेल मार्ग लखनऊ वाया बाराबंकी से होकर वाराणसी से कोलकाता, वहीं दूसरे रेलमार्ग बाराबंकी से जरवलरोड होकर गोरखपुर वाया असम तक ट्रेन दौड़ती है। बाराबंकी से अयोध्या की ओर अपडाउन करने वाली ट्रेनों में बुधवार को दो ट्रेनें देरी से स्टेशनों पर पहुंची।
लखनऊ इंटरसिटी (04217) जहां दरियाबाद में करीब दो घंटे देरी से पहुंची। यहां पर 10 बजे पहुंचने का समय था, पर यह दोपहर सवा 12 बजे पहुंच सकी। दरियाबाद से रवाना होकर बाराबंकी जंक्शन पर इंटरसिटी ट्रेन दोपहर एक बजे पहुंची। विलंब चल रही ट्रेन के कारण स्टेशनों पर यात्री धूप में इंतजार करते रहे।
दरियाबाद में यात्री शेड पर्याप्त न होने से जहां परेशानी दिखी, वहीं जंक्शन पर प्लेटफार्म की फर्श यात्री बैठे दिखें। वहीं धनबाद से फिरोजपुर कैंट जाने वाली गंगा सतलज एक्सप्रेस (13307) ट्रेन दरियाबाद में ढाई घंटे देरी से पहुंची, जबकि जंक्शन पर एक घंटे विलंब से। यहां स्टेशन पर लुधियाना जाने के लिए बैठे सफदरगंज के सुधीर, सुमित ने बताया कि काफी देर से बैठे हैं। ट्रेन देरी से आ रही है। कोलकाता एक्सप्रेस (13152) दो घंटे विलंब से चल रही है। उधर जरवल रेलमार्ग पर दौड़ने वाली ट्रेन आम्रपाली एक्सप्रेस सवा घंटे लेट चल रही है, जबकि अवध आसाम एक्सप्रेस का भी यही हाल रहा।
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प्लेटफॉर्म की फर्श पर बैठे यात्री, सुविधाओं का टोटा
बाराबंकी जंक्शन पर हजारों यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। बाराबंकी अयोध्या रेलमार्ग हो या गोंडा गोरखपुर रेलमार्ग। दोनों मार्गों की अपडाउन ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा रहती है। पर रेलवे यात्री सुविधाओं के नाम पर महज दावें करती है। सुविधाएं मयस्सर नहीं है।