Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बरेली में अनोखा विवाद: '45 किलो भूसा लाओ वरना...', फरमान जारी करने वाले खंड शिक्षा अधिकारी की छिनी कुर्सी

    Updated: Sat, 30 May 2026 06:30 AM (IST)

    बरेली में खंड शिक्षा अधिकारी सत्यदेव को शिक्षकों से 45-45 किलो भूसा लाने का आदेश देने के बाद पद से हटा दिया गया है। यह आदेश निराश्रित पशुओं के लिए भूस ...और पढ़ें

    ज‍िला बेस‍िक श‍िक्षा अध‍िकारी कार्यालय

    ज‍िला बेस‍िक श‍िक्षा अध‍िकारी कार्यालय

    HighLights

    1. प्रकरण ने तूल पकड़ा तो बेसिक शिक्षा अधिकारी से किया गया सम्बद्ध

    जागरण संवाददाता, बरेली। 45-45 किलोग्राम भूसा नहीं लेकर आए तो कार्रवाई की जाएगी नवाबगंज क्षेत्र के शिक्षकों को यह आदेश देने वाले खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सत्यदेव से कुर्सी छीन ली गई। शुक्रवार को उन्हें ब्लाक से हटाकर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया। बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. विनीता ने उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा है।

    उन्होंने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भविष्य में संयमित और नियम सम्मत भाषा में पत्राचार करने के निर्देश दिए हैं। निराश्रित पशुओं के लिए भूसा एकत्र करने का स्वैच्छिक अभियान शुरू हुआ था। जिला प्रशासन ने इसमें सभी विभागों से सहयोग मांगा।

    इसी आधार पर 22 मई को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजा गया। उसमें जनसहयोग एवं स्वैच्छिक दान की अपील थी मगर, नवाबगंज के खंड शिक्षा अधिकारी सत्यदेव ने क्षेत्र के शिक्षकों को आदेशित कर दिया। उन्हें पत्र जारी किया कि ब्लाक क्षेत्र से 100 कुंतल भूसा एकत्र होना है।

    इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रत्येक शिक्षक 45-45 किलोग्राम भूसा दान में लेकर आए अन्यथा दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों ने आदेश का विरोध किया, जिसके बाद प्रकरण तूल पकड़ गया। गुरुवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सरकार पर तंज कसते हुए एक्स पर पोस्ट लिखी।

    खबरें और भी

    विवाद होता देख गुरुवार को खंड शिक्षा अधिकारी ने आदेश बदल दिया कि स्वैच्छा से भूसा दान करें। उनका यह कदम काम नहीं आया। शुक्रवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उन्हें पद से हटा दिया। उन्हें नोटिस दिया कि स्वैच्छिक दान को आदेशात्मक क्यों बना दिया।

    लक्ष्य 32 हजार, 30 हजार क्विंटल कराया जा चुका भूसा दान

    जिले में 102 गोशालाओं में 12,701 गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में अतिरिक्त गोशालाएं संचालित कराई जा रही हैं। सहभागिता योजना के अंतर्गत लोगों को गोवंश पालन के लिए दिया गया है, जिन्हें 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बजट दिया जा रहा है।

    गोशालाओं में भूसा की उपलब्धता के लिए भूसादान अभियान अप्रैल में शुरू किया था, ताकि पशु भूखे न रहें। शासन ने बरेली जिले को पहले 18 हजार क्विंटल भूसा दान कराने का लक्ष्य मिला था।

    बाद में इसे बढ़ाकर 32 हजार क्विंटल कर दिया गया था। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. मनमोहन पांडेय ने बताया कि जिले को 30 हजार क्विंटल भूसा दान में मिल चुका है। शेष दो हजार कुंतल भी एकत्र करा लिया जाएगा।

    यह भी पढ़ें- बरेली में शिक्षकों को मिला 46 किलो भूसा जुटाने का अनोखा टारगेट, बवाल बढ़ा तो बैकफुट पर आया प्रशासन