नाथ नगरी में शिवभक्ति का सैलाब: कछला रवाना हुए कांवड़ियों के 5 जत्थे, सोमवार को गूंजेगा 'बम-बम भोले'
सावन के दूसरे दिन बरेली से कांवड़ियों के पांच जत्थे गंगाजल लेने कछला घाट रवाना हुए, जो सोमवार को लौटकर नाथ मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे। प्रमुख शिवालयो ...और पढ़ें

कछला से जल लेकर आते कांवड़िए, पीलीभीत के गौरी शंकर मंदिर में करेंगे जलाभिषेक। जागरण
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नाथ मंदिरों में श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
जागरण संवाददाता, बरेली। सावन माह के दूसरे दिन शिवभक्ति का उत्साह और अधिक बढ़ गया। शनिवार को शहर से कांवड़ यात्रियों के पांच अलग-अलग जत्थे गंगा जल लेने के लिए बदायूं के कछला घाट रवाना हुए। श्रद्धालु कछला घाट से पवित्र गंगाजल लेकर सोमवार को वापस लौटेंगे और नाथ नगरी के विभिन्न शिवालयों एवं नाथ मंदिरों में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
रवाना होने से पहले कावड़ियों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना कर सुखद और मंगलमय यात्रा की कामना की। वही, दूसरी ओर एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह और एडीएम न्यायिक देश दीपक सिंह ने बदायूं रोड पर कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं।
श्रावण मास शुरू होते ही जिले के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी है। दूसरे दिन धोपेश्वरनाथ, त्रिवटीनाथ, अलखनाथ, बनखंडीनाथ सहित अन्य शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते रहे।
मंदिरों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का दुग्ध, जल, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और देश की खुशहाली की कामना की।
दूसरी ओर कछला घाट से गंगाजल लेकर लौटने वाले कावड़ियों की आवाजाही भी शुरू हो गई है। कई श्रद्धालुओं ने गंगाजल लाकर शहर के शिवालयों में जलाभिषेक किया। इसके साथ ही कावड़ मार्गों पर भगवा वस्त्र धारण किए श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने लगी है।
हाथों में कावड़ और मुख पर भगवान शिव के जयघोष के साथ श्रद्धालु पूरे उत्साह से अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं। कावड़ यात्रियों की सुविधा के लिए विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से सेवा शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं।
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शिविरों में कावड़ियों के लिए पेयजल, शरबत, फल, प्राथमिक उपचार और विश्राम की व्यवस्था की गई है। प्रमुख मार्गों पर पुलिस और प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था में जुटा है, ताकि कावड़ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
श्रावण मास के साथ नाथ नगरी में धार्मिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में कावड़ियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिसके चलते शिवालयों और कावड़ मार्गों पर श्रद्धालुओं की रौनक लगातार बढ़ती नजर आ रही है।