मंत्री के भतीजे के बाद अब 12वीं के छात्र पर गिरा कातिल धागा, गर्दन और अंगुली कटी; मसीहा बने कार सवार ने बचाई जान
बरेली में महादेव पुल पर 12वीं के छात्र वैभव का गला प्रतिबंधित मांझे से कट गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। एक कार सवार व्यापारी ने मानवता दिखाते ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
घर लौटते समय स्कूटी पर गिरा मांझा, बचने के प्रयास में अंगुली भी कटी
जागरण संवाददाता, बरेली। प्रतिबंधित मांझा ने एक और छात्र वैभव की जिंदगी खतरे में डाल दी। महादेव पुल से गुजरते समय मांझा उनके चेहरे पर गिरा। उन्होंने हड़बड़ा कर स्कूटी में ब्रेक लगाए, मगर इससे पहले गला लहूलुहान हो चुका था। मांझा की धार इतनी तेज थी कि उसे हटाने के प्रयास में उनकी अंगुली का हिस्सा भी कट गया।
वह सड़क पर छटपटा रहे थे, इतने में रास्ते से गुजर रहे कार सवार व्यापारी आकाश मदद को दौड़े। उन्होंने छात्र को खुशलोक अस्पताल में भर्ती कराया। बुधवार को पुलिस ने बताया कि प्रकरण की शिकायत आई तो कार्रवाई की जाएगी।
जून में गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार के भतीजे आदित्य भी इसी तरह प्रतिबंधित मांझा से घायल हुए थे। उस समय पुलिस व प्रशासन की टीमों ने दो दिन प्रतिबंधित मांझा की तलाश में छापेमारी की, इसके बाद फिर से अनदेखी होने लगी। मंगलवार दोपहर को सुभाषनगर निवासी 12 वीं के छात्र वैभव डीडीपुरम में कोचिंग पढ़ने गए थे।
फार्मा कंपनी में नौकरी करने वाले पिता विमल प्रताप ने बताया कि शाम छह बजे वैभव कोचिंग से लौट रहे थे। महादेव पुल पर उनके ऊपर प्रतिबंधित मांझा गिरा, जिससे गला व कान लहूलुहान हो गया। बाएं हाथ की अंगुली में भी गहरा घाव हो गया। वह सड़क पर गिरे तो आसपास कई तमाशबीनों की भीड़ लग गई।
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उन्होंने पुलिस को सूचना दी न खुद मदद की। इस बीच प्रेमनगर के रघुवंशी काम्प्लेक्स निवासी आकाश कार से गुजर रहे थे। वह अनजबी थे, मगर मानवता का धर्म निभाया। उन्होंने तुरंत वैभव को कार में लिटाकर खुशलोक अस्पताल पहुंचाया।
रास्ते से वैभव से नंबर पूछकर फोन कर जानकारी दी। अस्पताल में सर्जरी के बाद वैभव की हालत में सुधार है। विमल प्रताप ने बताया कि आकाश ने मदद की, जिससे वैभव की जान बच गई। कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह ने बताया कि घटना की सूचना नहीं आई। यदि छात्र के पिता तहरीर देंगे तो कार्रवाई की जाएगी।
कड़े नियम के बाद भी रोकथाम नहीं
प्रतिबंधित मांझा पर कांच व स्टील के बारीक पाउडर का लेप बेहद घातक होता है। यह सूती धागे के बजाय नायलान का होने के कारण टूटता भी नहीं। प्रतिबंधित मांझा से किसी के घायल होने पर विक्रेता, उपयोग करने वाले पर जानलेवा हमले का केस चलाया जा सकता है। कड़े नियम होने के बाद भी उनका पालन नहीं हो रहा, इस कारण प्रतिबंधित मांझा की बिक्री हो रही।