बड़ा खुलासा: मनौना धाम से चोरी बच्चा दिल्ली में 5 लाख में बिकने वाला था, एनकाउंटर के बाद खुला पूर्वांचल का ये बड़ा राज
मनौना धाम से अपहृत डेढ़ साल के बच्चे ऋषभ को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद सुरक्षित बचा लिया। अपहरणकर्ता उसे पहले लखीमपुर और फिर दिल्ली में 5 लाख रुपये में ब ...और पढ़ें

बच्चे के अपहरण की सूचना पर मनौना धाम चौकी पहुंचीं एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा और इनसेट में गायब हुआ ऋषभ
HighLights
पूछताछ में पता चला कि आरोपितों से खरीदार ने कहा था पूर्वांचल जाएगा बच्चा
बच्चा बड़ा होने पर खरीदार ने मना किया तो दिल्ली में पांच लाख में कर ली थी डील
जागरण संवाददाता, बरेली। मनौना धाम से अपहरण किए गए बच्चे को पूर्वांचल के किसी जिले में बेचा जाना था, मगर जिस उम्र के बच्चे की डिमांड थी, ऋषभ उससे बड़ा था इसलिए लखीमपुर निवासी खरीदार उत्तम ने लेने से इन्कार कर दिया। इस पर अपहरणकर्ताओं ने उसे दिल्ली में किसी व्यक्ति को पांच लाख रुपये में बेचने का सौदा कर लिया था मगर उससे पहले ही पुलिस ने दोनों को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया।
अब पुलिस उत्तम की तलाश में लगी है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही तय होगा कि आखिर बच्चे को कहां और कितने में बेचा जाना था। बुधवार रात उसकी गिरफ्तारी को पुलिस ने दबिश दी मगर वह फरार हो गया। पिछले करीब एक साल से मनौना धाम में बदायूं के उसहैत के डुरिया असगुणा गांव निवासी रमन सफाई कर्मचारी का काम करते थे।
24 मई को सुबह करीब 10 बजे उनके डेढ़ साल के बेटे ऋषभ का बाइक सवार दो लोगों ने अपहरण कर लिया। पुलिस ने छानबीन शुरू की तो बाइक सवार दोनों युवक उसे ले जाते दिखे। पुलिस और एसओजी प्रथम ने 48 घंटे में 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, टावर डंप से दोनों आरोपितों की पहचान कर ली। पुलिस टीम लगातार उनका पीछा कर रही थी।
मंगलवार रात पुलिस ने दोनों को अलीगंज रोड पर फुलवासा गांव के पास दोनों को घेर लिया तो उन्होंने पुलिस पर ही फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने जब फायरिंग की तो दोनों के पैर में गोली लगी। पूछताछ में आरोपितों ने अपना नाम शाहजहांपुर निवासी योगेश कन्नौजिया और दूसरे ने बदायूं के ककोड़ा निवासी पवन सिंह बताया।
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आरोपितों से पूछताछ से स्पष्ट हुआ कि वह बच्चा उन्होंने लखीमपुर खीरी निवासी उत्तम के कहने पर चोरी किया था। क्योंकि, उत्तम ने उसके 60 हजार रुपये देने की बात कही थी। कहा था कि पूर्वांचल में किसी को वह बच्चा देना है। पूर्वांचल में बच्चा किसे देना था इस बारे में केवल उत्तम को ही पता था।
दोनों आरोपितों ने 60 हजार रुपये लालच में यह बच्चा चोरी किया था। जब दोनों आरोपित बच्चे को देने के लिए उत्तम के पास गए तो उसने कहा कि उसे पांच-छह माह का बच्चा चाहिए था डेढ साल का नहीं। इसके बाद उसने बच्चा लेने से इन्कार कर दिया। अब दोनों आरोपित फंस गए। उन्होंने फिर दिल्ली में किसी व्यक्ति से बात की और बच्चे को पांच लाख रुपये में बेचने का सौदा किया।
दोनों आरोपित बच्चे को लेकर दिल्ली जा रहे थे तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। दोनों आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। साथ ही बच्चे को भी उनके माता-पिता को सकुशल बरामद कर दिया गया है। पुलिस की एक टीम अभी उत्तम की तलाश में जुटी है। एसपी साउथ अंशिका वर्मा का कहना हैं कि उत्तम को जल्द ही गिरफ्तार कर इस गिरोह का राजफाश किया जाएगा।