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    प्रेमी के साथ पकड़े जाने पर बहन ने कराई 5 साल के मासूम भाई की हत्या, अब मिली 20 साल की सजा

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 12:49 AM (IST)

    बरेली में प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़े जाने पर बहन ने 5 साल के मासूम भाई की हत्या की साजिश रची। स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग बहन को 20 साल ...और पढ़ें

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    1. तीन अगस्त को मासूम की हत्या और बहन से दुष्कर्म करने वाले को हो चुकी है आजीवन सजा

    जागरण संवाददाता, बरेली। भाई-बहन का रिश्ता दुनिया में सबसे पवित्र, निस्वार्थ और सुरक्षा की अनमोल मिसाल माना जाता है। बहन का आंचल छोटे भाई के लिए दुनिया की सबसे महफूज जगह होता है। लेकिन जब वही हाथ, जो कभी राखी बांधते थे, किसी मासूम की सांसों की डोरी तोड़ने के घिनौने षड्यंत्र में शामिल हो जाएं, तो इंसानियत का कलेजा कांप उठता है। स्पेशल पाक्सो कोर्ट की जज नम्रता अग्रवाल ने ऐसे ही एक मामले में बाल अपचारी (सजा के समय बालिग) युवती को 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है

    घटना 28 जुलाई 2020 की दोपहर की है। नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले दंपती परिवार का पेट पालने के लिए मजदूरी करने गए थे। घर पर उनकी 16-17 वर्ष की बेटी और पांच साल का मासूम बेटा था। माता-पिता के जाते ही युवती ने गांव के ही अपने प्रेमी महेश उर्फ मुकेश को घर बुला लिया।

    दोनों घर के भीतर आपत्तिजनक हालत में थे। इसी बीच, पास के कमरे में सो रहा पांच साल का मासूम जाग गया। बहन को देखकर उसने कहा कि मां को बताएगा। गांव में बदनामी और संबंधों के उजागर होने के डर से प्रेमी महेश बौखला उठा। उसने मासूम की चीख दबाने के लिए उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।

    जिस बहन को अपने भाई की रक्षा के लिए ढाल बन जाना चाहिए था, वह चुपचाप खड़ी उसकी मौत का मंजर देखती रही। इतना ही नहीं, बहन ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर सबूत मिटाने की साजिश रची और भाई के शव को घर की छत से पीछे घनी झाड़ियों में फिंकवा दिया।

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    शाम को जब उसके माता-पिता घर पहुंचे तो बेटे की मौत की जानकारी हुई। उस वक्त लगा कि खेलते वक्त गिर गया जिससे मौत हो गई। उस समय बच्चे के शव को दफना दिया गया। 30 जुलाई 2020 को जब पिता को अपनी बेटी के बयानों पर शक हुआ और उन्होंने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने फूट-फूटकर अपनी ही करतूत का सच उगल दिया।

    मामले में प्राथमिकी लिखी गई और शव को निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। पता चला कि बच्चे की मौत गला दबाने से हुई। इस मामले में तीन दिन पहले ही कोर्ट ने युवती के प्रेमी महेश को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब सरकारी वकील राजीव तिवारी ने आठ गवाह पेश किए। अदालत ने युवती को हत्या की साजिश और सबूत छिपाने का दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने उसे भी 20 साल कैद की सजा सुनाई है।

    फैसला आया तो रो पड़े माता-पिता

    फैसले के वक्त कोर्ट रूम में सन्नाटा पसर गया। एक तरफ न्याय की जीत हुई थी, तो दूसरी तरफ एक बेबस मां-बाप के आंसुओं का सैलाब था। छह साल पहले जिस पिता ने अपने पांच साल के बेटे को दफनाया था। आज उसी पिता की आंखों के सामने उसकी बेटी सलाखों के पीछे जा रही थी। वासना की अंधी सनक ने एक भरे पूरे परिवार को ऐसा जख्म दिया, जो शायद कभी नहीं भर पाएगा।

    वारदात के दिन 18 वर्ष से कम थी उम्र, इसलिए नहीं मिली उम्रकैद

    बताते चलें घटना वाले दिन बाल अपचारी की उम्र 17 साल 26 दिन थी। इसलिए किशोर न्याय बोर्ड ने पत्रावली वापस सेशन कोर्ट भेज दी। कानून के मुताबिक हत्या की साजिश के आरोप में, 18 वर्ष से कम आयु के आरोपित को आजीवन कारावास या फांसी की सजा नहीं सुनाई जा सकती है, इसलिए अदालत ने दोषी युवती को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 35 हजार रुपए जुर्माना भी भुगतना होगा। जिसकी आधी रकम मृतक के पिता को दी जाएगी।

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