शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई पड़ी भारी, बरेली नगर आयुक्त ने बंद की अधिकारियों की सैलरी
बरेली नगर निगम में कर्मचारियों-अधिकारियों की लापरवाही के कारण जनशिकायतों का निस्तारण न होने पर नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कड़ा रुख अपनाया है। उन् ...और पढ़ें

संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
HighLights
जलकल, निर्माण, स्वास्थ्य विभाग में बड़ी संख्या में लंबित पत्रावलियां, विभागीय कार्रवाई की चेतावनी
जागरण संवाददाता, बरेली। नगर निगम के निर्माण, स्वास्थ्य और जलकल समेत अन्य विभागों में कर्मचारियों-अधिकारियों की मनमानी व लापरवाह कार्यशैली हावी हो गई है। आमजन की शिकायतों को अनदेखा करने के साथ अब शीर्ष अधिकारियों के निर्देश को भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जिस पर नगर आयुक्त ने कड़े एक्शन की तैयारी करते हुए सभी विभागाध्यक्षों का वेतन रोक दिया। साथ ही अपने-अपने विभागों में लंबित जनशिकायतों की संख्या, पत्रावलियों समेत अन्य विवरण उपलब्ध नहीं कराने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि विभिन्न माध्यमों से प्राप्त विभाग स्तर पर लंबित प्रकरणों का संज्ञान लेने पर आए दिन देखा गया है कि विभागीय पटल पर पत्रावली अनावश्यक रूप से लंबित रखी जाती है। आवेदन आगे भी नहीं बढ़ाए जाते, जिसके कारण जनमानस को समस्याओं का सामना करना पड़ता है एवं लंबित प्रकरण निस्तारित नहीं होने से नगर निगम की छवि भी धूमिल होती है।
इसको देखते हुए सभी विभाग के विभागाध्यक्षों को अपने-अपने विभाग के समस्त पटल का निरीक्षण कर रजिस्टरों, पत्रावलियों, प्राप्त आवेदनों की अद्यतन स्थिति का परीक्षण एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगा गया था, लेकिन सोमवार तक किसी भी विभागाध्यक्ष की ओर से कोई रिपोर्ट नहीं दी गई।
इस पर स्वास्थ्य, जलकल, निर्माण समेत अन्य विभागों के विभागाध्यक्षों के वेतन को रोक दिया गया है। चेताया कि शीघ्र ही रिपोर्ट नहीं मिलने पर विभागाीय कार्रवाई के लिए संस्तुति की जाएगी। नगर आयुक्त की ओर से वेतन रोकने के आदेश के बाद सभी विभागाध्यक्षों में खलबली मच गई।