आधी रात को सड़क पर उतरी 8 अधिकारियों की टीम: बरेली मंडल में 'आपरेशन प्रहार' से बस माफियाओं में हड़कंप, 59 बसें सीज
बरेली मंडल में 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत अवैध बसों पर कार्रवाई हुई, जिसमें 81 बसों का चालान और 59 बसें सीज की गईं। इस अभियान से बस मालिकों और ट्रांसपोर्ट ...और पढ़ें

पीलीभीत रोड पर रात में प्राइवेट बसों की चेकिंग करते परिवहन विभाग के अधिकारी। सौ. परिवहन विभाग
HighLights
गाजियाबाद, मुरादाबाद और गौतमबुद्ध नगर के अधिकारी भी रहे शामिल
जागरण संवाददाता, बरेली। बिना परमिट और परमिट शर्तों का उल्लंघन कर चल रही लंबी दूरी की प्राइवेट एसी बसों के खिलाफ चलाए गए आपरेशन प्रहार में मंडलभर में 81 बसों का चालान किया गया, जबकि 59 बसें सीज की गईं। अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन केडी सिंह गौर के नेतृत्व में रातभर आठ सदस्यीय टीम अनाधिकृत बसों के खिलाफ कार्रवाई करती रही।
गाजियाबाद, हापुड़ गौतमबुद्ध नगर और मुरादाबाद के अधिकारियों के अलावा मंडल के अधिकारी भी छापेमारी करते रहे। इस कार्रवाई से बस मालिकों और ट्रांसपोर्टरों में खलबली मची रही।
शासन तक शिकायत पहुंची थी कि बरेली मंडल से दूसरे प्रदेशों तक अनाधिकृत तरीके से बसों का संचालन किया जा रहा है। अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन केडी सिंह गौर के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम बनाकर आपरेशन प्रहार शुरू किया गया।
इसमें एआरटीओ अमरोहा मनोज मिश्रा, एआरटीओ संभल अमिताभ चतुर्वेदी, एआरटीओ मुरादाबाद आनंद निर्मल, एआरटीओ गाजियाबाद अमित राजन राय, एआरटीओ हापुड़ रमेश चौबे, रामपुर के यात्रीकर अधिकारी होरी लाल, गौतमबुद्ध नगर के यात्री कर अधिकारी राजेश मोहन, मुजफ्फरनगर के यात्री कर अधिकारी राजेंद्र श्रीवास्तव को शामिल किया गया।
अधिकारी आधी रात तक मंडल के चारों जिलों में छापेमारी करते रहे। मंडल स्तरीय टीम ने भी उप परिवहन आयुक्त कमल प्रसाद गुप्ता के निर्देशन में अभियान चलाया जिसमें आरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा, एआरटीओ बरेली वैभव सोती, यात्री कर अधिकारी अजीत प्रताप सिंह, रमेश प्रजापति, बदायूं के एआरटीओ हरिओम, यात्री कर अधिकारी अभिनव चौधरी, पीलीभीत की एआरटीओ वर्डिस चतुर्वेदी, एआरटीओ शाहजहांपुर हरिओम, यात्री कर अधिकारी आरपी गौतम ने भी जिला स्तर पर चेकिंग अभियान जारी रखा।
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आपरेशन प्रहार में 81 बसों का चालान और 59 बसें सीज किए जाने से बस मालिकों में खलबली मची रही। बसों के परमिट, पंजीयन, फिटनेस प्रमाण-पत्र, कर, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र तथा राष्ट्रीय वाहन डाटाबेस सहित समस्त अभिलेखों का गहन परीक्षण किया गया।
परमिट और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों पर कार्रवाई की गई। आरटीओ ने बताया कि वाहनों की संरचना में अनधिकृत परिवर्तन संबंधी शिकायतों के परीक्षण के लिए बंद किए गए वाहनों का कार्यपालक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा।
परीक्षण में यदि किसी वाहन में संरचनात्मक परिवर्तन पाया जाता है तो उसके विरुद्ध फिटनेस, पंजीयन, परमिट एवं अन्य वैधानिक प्रविधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान निरंतर चलते रहेंगे, अनाधिकृत तरीके से बसों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।