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    बरेली प्रधान हत्याकांड: मुखबिरी करने वाली महिला समेत 5 दोषियों को उम्रकैद, ₹3.60 लाख का जुर्माना

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 11:16 PM (IST)

    बरेली के परगवां गांव में चुनावी रंजिश के चलते प्रधान मोहम्मद इशहाक अली की हत्या के मामले में एक महिला समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

    HighLights

    1. कैंट के परगवां गांव का मामला, हारने के बाद आरोपितों ने की थी हत्या

    2. साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने पिता-पुत्रों को किया बरी, अन्य सभी को सजा

    जागरण संवाददाता, बरेली। कैंट के परगवां गांव में वर्ष 2021 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान पनपी रंजिश ने एक ऐसी वीभत्स वारदात को जन्म दिया। जिसमें नवनिर्वाचित प्रधान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र और ग्रामीणों में दहशत पैदा कर दी थी। अपर सेशन जज-प्रथम विजेंद्र त्रिपाठी ने चार हत्यारों को आजीवन कारावास व एक महिला को हत्या की साजिश रचने के जुर्म में उम्र कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दो आरोपित, पिता व पुत्रों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया।

    यह कहानी महज हत्या का मामला नहीं, बल्कि चुनावी हार की तिलमिलाहट, साजिश और धोखे का सनसनीखेज वाकया है। घटना के मुताबिक परगवां गांव के नव-निर्वाचित ग्राम प्रधान मोहम्मद इशहाक अली ने चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वियों मोहर सिंह उर्फ मोर सिंह तथा रतन लाल को भारी मतों से पराजित किया था।

    आरोपित रतनलाल चुनाव से पहले ग्राम प्रधान थे। इस पराजय के अलावा, इशहाक ने मोहर सिंह और उनके बेटे अनुराग के विरुद्ध फर्जी दस्तावेजों के जरिए वोटर लिस्ट में हेरफेर करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी भी लिखाई थी। जिसके बाद से आरोपित लगातार इशहाक को शपथ ग्रहण से पहले ही जान से मारने की धमकियां दे रहे थे।

    इस धमकी की ऑडियो रिकार्डिंग भी गांव में प्रसारित हुई थी। इसके बाद खौफनाक साजिश को अंजाम देने के लिए 20 मई 2021 का दिन चुना गया। जब प्रधान इशहाक अपनी बीमार पत्नी सकीना का शहर से इलाज कराकर अपनी बहन शीबा रानी के साथ मोटरसाइकिल से गांव वापस लौट रहे थे।

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    इस वारदात में आशिया नाम की महिला की भूमिका अहम रही। उसने पड़ोस और रिश्तेदारी का फायदा उठाकर दिन में करीब एक बजे घर जाकर सकीना से उनके शहर जाने की जानकारी जुटा ली और तुरंत फोन करके मोहर सिंह को उनकी सटीक लोकेशन बता दी।

    इसके बाद शाम लगभग चार से पांच बजे के बीच जैसे ही प्रधान इशहाक की बाइक कांधरपुर से परगवां जाने वाले खड़ंजे पर पहुंची, वहां पहले से तमंचों से लैस होकर घात लगाए बैठे अभियुक्तगण मोहर सिंह, उसके बेटे अनुराग पटेल, दामाद भगवत पटेल, रतन लाल, उसके पुत्र राहुल तथा सहयोगी लोकेश पटेल व राहुल उर्फ धीरू ने उन्हें रोककर फायरिंग शुरू कर दी।

    गोलियों के छर्रे लगने से सकीना गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ी, जबकि अपनी जान बचाने के लिए खेत की तरफ भागे इशहाक को हमलावरों ने चारों तरफ से घेरकर गोलियों से भून डाला था। पास के खेत में काम कर रहे मृतक के पिता इश्त्याक अली और रिश्तेदार हसन असगर ने आरोपितों को ललकारते हुए घटना को अपनी आंखों से देखा, जिसके बाद सभी आरोपित मौके से फरार हो गए थे।

    घटना के बाद थाना कैंट पुलिस के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह और उनकी टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार किया और उनकी निशानदेही पर छिपाकर रखे गए 12 बोर व 315 बोर के तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बिना नंबर की टीवीएस स्पोर्ट मोटरसाइकिल बरामद की थी।

    अभियोजन पक्ष से सरकारी वकील सुनील पांडेय ने वादिनी सहित कुल 14 गवाह पेश किए। इसके अलावा, विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट, काल डिटेल रिकार्ड्स और मेडिकल रिपोर्ट्स ने अभियुक्तों के आपराधिक साजिश और एक राय होकर अंजाम दी गई इस खूनी वारदात को बेनकाब कर दिया।

    मामले में कोर्ट ने मोहर सिंह, उसके दामाद भगवत पटेल निवासी सिंघाई मुरावान थाना भुता व भगवत पटेल का साथी लाल फाटक थाना कैंट निवासी राहुल उर्फ धीरू व मुड़िया अहमदनगर थाना इज्जतनगर निवासी लोकेश पटेल को हत्या के आरोप में सजा सुनाई। इसके अलावा महिला आशिया निवासी कस्बा मीरगंज को अदालत ने हत्या की साजिश रचने का मुजरिम पाया।

    कोर्ट ने उसे भी आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। इसके अलावा अभियोजन पक्ष रतनलाल व उसके पुत्र राहुल के विरुद्ध आरोप साबित नहीं कर सका। कोर्ट ने दोनों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने दोषियों पर 3.60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। वहीं, हत्या की साजिश रचने वाली महिला आशिया पर 70 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

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