824 करोड़ का प्रोजेक्ट: 4 आरओबी और 11 पुल; बरेली की 29 किमी लंबी रिंग रोड का पूरा खाका तैयार, जानें कब तक होगा काम पूरा
बरेली में 824 करोड़ रुपये की लागत से 29.95 किमी लंबी रिंग रोड का निर्माण शुरू हो गया है। यह परियोजना सुभाषनगर से चौबारी होते हुए इन्वर्टिस तक जाएगी, ज ...और पढ़ें

सिक्सलेन फ्लाइओवर के लिए हो रहा काम जागरण
HighLights
चौबारी पर बदायूं रोड चौड़ीकरण का भी कराया जा रहा निर्माण
एक बस अड्डा स्वीकृत, दूसरे को मंजूर कराने के हो रहे प्रयास
जागरण संवाददाता, बरेली। शहर के लोगों को जाम से राहत दिलाने के लिए रिंग रोड का निर्माण शुरू हो चुका है। सुभाषनगर से लेकर चौबारी तक गतिविधियां अधिक दिख रही हैं। वजह, रिंग रोड के साथ चौबारी पर बरेली-बदायूं रोड के चौड़ीकरण का कार्य भी शुरू हो चुका है। यहीं पर परिवहन निगम का नया बस अड्डा स्वीकृत हो चुका है, जबकि ई-बस सेवा का बस अड्डा बनवाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। एनएचएआइ के अधिकारियों ने निर्माण कार्यों का जायजा लिया।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) द्वारा झुमका तिराहा स्थित धंतिया गांव से इज्जतनगर, सुभाषनगर, चौबारी होते हुए इन्वर्टिस के पास 824 करोड़ रुपये की लागत से 29.95 किमी रिंग रोड का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यदायी कंपनी आरपी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के ठेकेदार चयनित भूमि का समतलीकरण कराने के साथ उस पर मिट्टी का भराव करा रहे हैं।
रिंग रोड पर दो फ्लाइओवर, चार आरओबी, चार बड़े पुल और सात छोटे पुल बनवाए जाएंगे। कई जगह सीसी रोड और खड़ंजा भी मार्ग में आ रहे हैं, इन्हें बंद नहीं किया जाएगा। ऊपर से पुल बनाकर रिंग रोड को आगे निकाला जाएगा। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक नवरत्न ने विभागीय अधिकारियों के साथ चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया।
इधर, बरेली-बदायूं रोड चौड़ीकरण का कार्य रामगंगा के दोनों तरफ चल रहा है। चौबारी पर फ्लाइओवर बनाया जा रहा है जो रिंग रोड को जोड़ेगा। यहीं चौबारी में परिवहन निगम का नया बस अड्डा स्वीकृत हुआ है, जिसका निर्माण कराने के लिए बजट का इंतजार किया जा रहा है। ई-बस अड्डा भी इसी क्षेत्र में बनवाने के लिए प्रस्ताव भी भेजा गया है, लेकिन अभी स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
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रिंग रोड और बदायूं रोड के चौड़ीकण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही चौबारी में निर्माण की गतिविधियां बढ़ी हैं। माना जा रहा है कि स्वीकृत परियोजनाओं के मूर्त रूप ले लेने के बाद इस क्षेत्र का बहुत तेजी से विकास हो सकेगा। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक नवरत्न ने बताया कि काम तेजी से चल रहा है, ठेकेदार को गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।