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    बिना कोचिंग और इंटरनेट मीडिया के कैसे बनें अफसर? बरेली की उपासना और अतहर ने पेश की मिसाल

    Updated: Tue, 31 Mar 2026 01:47 PM (IST)

    यूपीपीएससी ने पीसीएस परीक्षा-2024 का अंतिम परिणाम जारी किया है, जिसमें बरेली के कई अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की। उपासना सिंह, अतहर जमाल खान, शैलेंद्र ...और पढ़ें

    अपने माता-पि‍ता के साथ उपासना स‍िंंह और अतहर जमाल

    अपने माता-पि‍ता के साथ उपासना स‍िंंह और अतहर जमाल

    HighLights

    1. बोले चयनित, पूर्व के वर्षों के पेपर, माक टेस्ट से अभ्यास और आत्मविश्वास से मिली कामयाबी

    जागरण संवाददाता, बरेली। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने रविवार आधी रात सम्मिलित राज्य व प्रवर अधीनस्थ सेवा (PCS) परीक्षा-2024 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया। इसमें शहर की उपासना सिंह, सुरेश बाबू, अतहर जमाल खान, शैलेंद्र और आकांक्षा सक्सेना ने ध्वज फहराया है। उन्होंने कोचिंग से ज्यादा सेल्फ स्टडी पर ध्यान दिया। पूर्व के वर्षों के पेपर, माक टेस्ट से अभ्यास, शिक्षकों का मार्गदर्शन और इंटरनेट मीडिया से दूरी बनाकर सफलता हासिल की।

    शहर के अशरफ खां छावनी निवासी अतहर जमाल खान का पंचायती राज विभाग में कार्य अधिकारी पद पर चयन (20वां स्थान) हुआ है। उन्होंने सफलता के लिए निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास, सेल्फ स्टडी को जरूरी बताया। कहा, पढ़ाई के लिए कोई समय निर्धारित नहीं किया, लेकिन जब भी पढ़ाई की मन लगाकर की।

    पढ़ाई के दौरान श्रेष्ठ आइएएस कोचिंग के संस्थापक केबी त्रिपाठी व अन्य शिक्षकों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। अतहर ने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई एमबी इंटर कालेज से पूरी की। उसके बाद बरेली कालेज से वर्ष 2011 में बीएससी व आधुनिक इतिहास में मास्टर्स किया।

    उर्दू आइएएस स्टडी सेंटर, लखनऊ में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। परिवार में माता गुलशन जहां, चिकित्सक पिता डा. अफजल खान व भाई-बहन हैं। सफलता पर देर शाम तक लोग बधाई देने घर पहुंचते रहे।

    वहीं सनराइज कालोनी निवासी उपासना सिंह ने परीक्षा में 67वां स्थान हासिल किया है। उन्होंने सेल्फ स्टडी पर ध्यान दिया। माक टेस्ट और पूर्व के वर्षों के पेपर का भी अध्ययन किया। उपासना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीटेक की पढ़ाई की।

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    उसके बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। पहले प्रयास में असफलता हाथ लगी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। दूसरे प्रयास में कामयाबी मिली। उनकी माता का नाम भावना मार्छाल, पिता का नाम धरम सिंह मार्छाल (पीएसी मुरादाबाद में उप सेना नायक) हैं।

    वहीं, छोटी बहन अनीसा स्नातक के बाद प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। छोटा भाई अर्चित एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है।

    मुख्य अभियंता का बेटा बना नायब तहसीलदार

    बिजली विभाग के मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश के बेटे कुशाग्र प्रकाश ने पहले प्रयास में सफलता हासिल की। उनका चयन नायब तहसीलदार पद पर हुआ है।

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    कुशाग्र ने हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की पढ़ाई मेरठ और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक आइआइटी धनबाद से 2022 में किया। बेटे की कामयाबी पर विभाग में दिनभर शुभकामनाएं देने वालों का सिलसिला चलता रहा।

    गुलड़िया के शैलेन्द्र ने हासिल की 107वीं रैंक

    रामनगर क्षेत्र के गांव गुलड़िया अरिल निवासी शैलेन्द्र कुमार यादव ने पीसीएस परीक्षा में 107 वीं रैंक हासिल की है। उनके पिता रूम सिंह किसान और मां गृहिणी हैं। शैलेन्द्र ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा चंदौसी से उत्तीर्ण की।बीएससी बरेली से करने के बाद आगे की पढ़ाई दिल्ली में रहकर की है। उन्होंने यह सफलता पहले ही प्रयास में हासिल की। परिणाम की जानकारी मिलने के बाद घर में शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा रहा।

    सुरेश बने नायब तहसीलदार

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    श्रेष्ठ आइएएस कोचिंग के संस्थापक केबी त्रिपाठी ने कहा, उनके संस्थान के विद्यार्थी सुरेश बाबू का नायब तहसीलदार के पद पर चयन हुआ है। वर्तमान में वे पीसीएस 2025 की परीक्षा लखनऊ में दे रहे हैं। दोनों का सामान्य अध्ययन का पेपर है।

    प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका बनीं अधिकारी

    कांती कपूर बालिका विद्या मंदिर की पूर्व छात्रा आकांक्षा सक्सेना ने प्रथम प्रयास में 251 वीं रैंक हासिल की है। वह वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय बिचपुरी में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। उनकी मां संगीता सक्सेना विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं।

    उन्होंने सफलता का श्रेय अपनी मां, परिवार और अपने शिक्षकों को दिया है। विद्यालय में सोमवार को आयोजित वार्षिक परीक्षाफल वितरण कार्यक्रम में आकांक्षा को सम्मानित किया गया। विद्यालय की अध्यक्ष दीप्ति रानी, व्यवस्थापिका मोना, विनीता सिंह, रश्मि शर्मा, सरोज अग्रवाल और प्रधानाचार्य अर्चना आदि ने सम्मानित किया।


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