यूपी में मौसम का यू-टर्न: बरेली में 100 किमी/घंटा की हवाओं ने मचाई तबाही, 7 डिग्री लुढ़का तापमान
बरेली में मंगलवार सुबह 100 किमी/घंटा की रफ्तार से चली तेज हवाओं और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। मौसम में अचानक आए बदलाव से तापमान में 7 डिग्री ...और पढ़ें

बरेली में मकान पर पुराना पेड़ गिरा। जागरण
HighLights
पुरवा और पछुआ हवाओं के साथ हुई प्रतिक्रिया से चली तेज झोंकेदार हवा
जागरण संवाददाता, बरेली। जिले में मंगलवार की सुबह मौसम का बदला स्वरूप आफत लेकर आया। सुबह करीब 10:30 बजे शहर की रफ्तार थम सी गई, 100 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चली हवा ने सबकुछ अस्त-व्यस्त सा कर दिया। ऐसे में जो जहां था, वहीं रुक गया। तेज हवा के झोंके में लोग खुद को संभालने मुश्किल महसूस करते दिखे। पेड़-पौधे उखड़े तो कई जगह लोगों को सुरक्षित जगह तक पहुंचने का मौका भी नहीं मिल सका।
जिले में मई के महीने में मौसम का चौंकाने वाला रूप देखने को मिल रहा है। जहां अमूमन इस समय सूरज की तपिश और लू के थपेड़े जनजीवन को बेहाल कर देते हैं, वहीं इस साल मई की शुरुआत से ही पारा नरम बना हुआ है। मंगलवार सुबह की शुरुआत हल्की धूप के साथ हुई थी।

मगर देखते ही देखते प्रकृति ने ऐसी करवट ली कि कुछ ही मिनटों में दिन में ही रात जैसा नजारा हो गया। आसमान में छाए बादलों ने सूरज को पूरी तरह ओझल कर दिया। तेज हवाओं के साथ झमाझम वर्षा शुरू हो गई। हालांकि दोपहर में दोबारा सूर्य के दर्शन हुए।
11.8 एमएम वर्षा ने सोख ली सूरज की तपिश
बेमौसम बरसात और बर्फीली हवा के चलने से शहर के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्षा का असर इतना व्यापक रहा कि अधिकतम तापमान सामान्य से सात डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर 32 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
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जबकि न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। पिछले 24 घंटों के भीतर शहर ने 11.8 एमएम वर्षा का अनुभव किया, जिसने वातावरण की तपिश को पूरी तरह सोख लिया।
तीन से पांच डिग्री पारा बढ़ने का अनुमान
एकीकृत मौसम पूर्वानुमान केंद्र के विशेषज्ञ अतुल कुमार सिंह के अनुसार, निचले क्षोभमंडल में प्रदेश के मध्योत्तर भाग पर एक चक्रवाती परिसंचरण विकसित हुआ है। इसके प्रभाव से आने वाली पुरवा हवाओं की जब मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं के साथ प्रतिक्रिया हुई, तो बरेली और आसपास के इलाकों में मौसम उग्र हो उठा।

इस दौरान बरेली में हवा की रफ्तार सर्वाधिक 100 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी तराई क्षेत्रों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलीं। आगामी एक सप्ताह के भीतर तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की प्रभावी बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है।