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    हादसा होते ही मिलेगी मदद! बरेली की 4 CHC अब बनेंगी हाई-टेक ट्रामा सेंटर, बजट को मिली हरी झंडी

    Updated: Thu, 12 Feb 2026 03:19 PM (GMT+05:30)

    बरेली में चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को हाई-टेक ट्रामा सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रदेश के बजट में इसके लिए धनराशि का प्रावधा ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

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    HighLights

    1. स्वास्थ्य विभाग ने सूची तैयार कर परिवहन विभाग को भी भेजी सूचना

    2. दो-दो एंबुलेंस खरीदने की भी मिली मंजूरी, अन्य संसाधन होंगे उपलब्ध

    जागरण संवाददाता, बरेली। प्रदेश के बजट में ट्रामा सेंटरों के लिए धनराशि उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इसके बाद राष्ट्रीय-राजमार्ग पर स्थित सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को ट्रामा सेंटर के तौर पर विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है। हादसे का शिकार होने वाले लोगों को इलाज की त्वरित सुविधा मिल सकेगी।

    स्वास्थ्य विभाग ने ऐसी चार सीएचसी को चिह्नित कर लिया है, जहां ट्रामा केयर उपकरण, आक्सीजन सपोर्ट, प्राथमिक आपात चिकित्सा सहित अन्य उपकरणों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है। यहां दो एंबुलेंस भी खरीदी जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी अस्पतालों की सूची परिवहन विभाग को भी उपलब्ध करा दी गई है।

    हाईवे पर होने वाले हादसों के शिकार लोगों को कई बार ट्रामा सेंटर की व्यवस्था नहीं उपलब्ध हो पाती। ऐसे में इलाज के अभाव में कम गंभीर लोगों की जान बचाना तक मुश्किल हो जाता है। सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतों को लेकर शासन ने हाईवे के नजदीक स्थित सरकारी चिकित्सालयों को ट्रामा के तौर पर विकसित करने की तैयारी चल रही है।

    स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने क्रिटिकल कारिडोर के अंतर्गत ट्रामा केयर के लिए देने के लिए हाईवे से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित सीएचसी मीरगंज, 1.800 किलोमीटर दूर सीएचसी फरीदपुर, एक किलोमीटर दूर स्थित सीएचसी बहेड़ी और एक किलोमीटर दूर ही स्थित सीएचसी भिठौरा टाउन को चिह्नित किया गया है। इन अस्पतालों में दो-दो एंबुलेंस उपलब्ध हो सकें, इसके लिए राज्य निधि से बजट उपलब्ध कराया जाएगा।

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    सौ बेड से ज्यादा वाले चार प्राइवेट हास्पिटलों की भी किया सूचीबद्ध

    स्वास्थ्य विभाग ने सौ बेड वाले प्राइवेट हास्पिटलों को दुर्घटना का शिकार लोगों को इलाज दिलाने के लिए चिह्नित किया है। इसमें फ्यूचर हास्पिटल, रजा हास्पिटल, श्रीराममूर्ति स्मारक मेडिकल कालेज एवं रिसर्च सेंटर और नारायणी मेडिकल रिसर्च सेंटर को सूचीबद्ध किया गया है।

     

    हाईवे किनारे स्थित कई सीएचसी को ट्रामा सेंटर के तौर पर विकसित किया जा रहा है, ताकि हादसे में शिकार लोगों को जल्द से जल्द इलाज उपलब्ध कराया जा सके। इसके अलावा कई और अस्पतालों की सूची भी तैयार की जा रही है।

    - डा. विश्राम सिंह, सीएमओ


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