योगी सरकार का बड़ा प्रोजेक्ट: गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के लिए अगस्त में जमीन होगी फ्रीज, बरेली-लखीमपुर को बड़ी जिम्मेदारी
गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेज हो गया है। अगस्त तक जमीन फ्रीज कर अधिग्रहण शुरू होगा, जिसमें बरेली, पीलीभीत और लखीमपुर की जि ...और पढ़ें

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे
HighLights
किसानों की आपत्तियों का निस्तारण कर घोषित होगा थ्री-कैपिटल डी
जागरण संवाददाता, बरेली। पूर्वी उत्तर प्रदेश से पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। बरेली से लखीमपुर खीरी तक की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) बरेली को मिली है। चयनित गांवों में चयनित भूमि पर थ्री कैपिटल-ए घोषित कर जमीन क्रय-विक्रय पर रोक लगाई जा चुकी है। इंजीनियरों की टीम सर्वे कर रही है, आगामी अगस्त तक चयनित जमीन फ्रीज कराकर भूमि अधिग्रहण आरंभ करा दिया जाएगा।
योगी सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए एनएचएआइ और प्रशासनिक अधिकारियों की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। बरेली, पीलीभीत और लखीमपुर जिले तक चयनित भूमि पर थ्री कैपिटल-ए घोषित कर चयनित गांवों में जमीन के क्रय-विक्रय पर रोक लगाई जा चुकी है।
भूमि अधिग्रहण कराने को काला (कंपिटेंट एथारिटी फार लैंड एक्यूजिशन) का चयन बरेली में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को, पीलभीत और लखीमपुर में एसडीएम को नामित किया गया है। अब किसानों की आपत्तियां राजस्व विभाग के माध्यम से जिला प्रशासन के पास पहुंचने लगी हैं। आपत्तियों का जिला स्तरीय कमेटी निस्तारण कराएगी।
इसके बाद थ्री कैपिटल-डी घोषित कर चयनित भूमि को फ्रीज कर दिया जाएगा। इसके साथ किसानों को मुआवजा वितरण कराकर भूमि अधिग्रहण शुरू करा दिया जाएगा। बरेली जिले के 68 गांवों में एक्सप्रेसवे का निर्माण होना है, जिनमें 51 गांवों में निर्माण एनएचएआइ मुरादाबाद कराएगा, जबकि नवाबगंज तहसील क्षेत्र के 17 गांवों में निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएआइ बरेली को दी गई है।
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हालांकि इसके आगे पीलीभीत और लखीमपुर में भी एनएचएआइ, बरेली ही निर्माण कराएगा। एनएचएआइ के परियोजना प्रबंधक अश्वनी चौहान ने बताया कि गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे निर्माण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
राजस्व विभाग और एनएचएआइ दोनों के अलग-अगल सर्वे चल रहे हैं। किसानों की आपत्तियों का भी जिला प्रशासन स्तर से निस्तारण कराया जा रहा है। आगामी अगस्त माह तक सर्वे पूर्ण हो जाएगा, आपत्तियों का निस्तारण कराकर चयनित भूमि फ्रीज करा दी जाएगी। इस साल के अंत तक निर्माण शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।