Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बरेली के IVRI में बन रहा देश का पहला 'कैनाइन सेंटर', अब कुत्तों की बीमारियों और व्यवहार पर होगा हाईटेक शोध

    Updated: Thu, 26 Mar 2026 03:40 PM (GMT+05:30)

    भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान (आइवीआरआइ), बरेली में देश का पहला 'एडवांस रिसर्च सेंटर फॉर कैनाइन' बन रहा है। 6.29 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस केंद् ...और पढ़ें

    आइवीआरआइ परिसर में कैनाइन सेंटर का निर्माण शुरू| जागरण

    आइवीआरआइ परिसर में कैनाइन सेंटर का निर्माण शुरू| जागरण

    HighLights

    1. दुर्लभ जेनेटिक बदलाव खींच रहा ध्यान, हिरण को अठखेलियां करते देख लोग उत्साहित

    जागरण संवाददाता, बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान (आइवीआरआइ) में कुत्तों पर शोध करने वाले देश के पहले ‘एडवांस रिसर्च सेंटर फार कैनाइन’ का निर्माण शुरू हो गया है। बीते दिनों 2.11 करोड़ रुपये की किस्त जारी हो गई। इसके लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) की ओर से स्वीकृति दी गई है। निर्माण के बाद वर्चुअल डाग और वर्चुअल एनाटोमी की स्थापना भी प्रस्तावित है। मुख्य केंद्र आइवीआरआइ और करनाल समेत तीन सब सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।

    आइवीआरआइ के प्रधान वैज्ञानिक डा. अभिजीत पावड़े ने बताया कि आइसीएआर ने कैनाइन प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। देश के अलग-अलग हिस्सों में अक्सर कुत्तों के काटने के मामले सामने आते रहते हैं। वहीं, कुत्तों से जुड़ी तमाम बीमारियों को देखते हुए भी एक शोध केंद्र की आवश्यकता महसूस की गई।

    इसमें उनके व्यवहार और बीमारियों पर भी शोध किया जाएगा। कैनाइन सेंटर में कुत्तों की आंतरिक और बाह्य संरचना पर विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। साथ ही, कुत्तों में कैंसर जैसी बीमारियों पर भी शोध हो सकेगा। भवन का निर्माण शुरू हो चुका है, जिसके बाद उपकरण मंगाए जाएंगे।

    कुत्तों का होगा ट्रेड मिल टेस्ट

    कैनाइन सेंटर में सीटी स्कैन, एमआरआइ, ट्यूमर, रेडियोथेरेपी, हाईटेक पैथोलाजी आदि की सुविधाएं दी जाएंगी। कुत्तों के ब्रीड से लेकर उनकी बीमारियों और वैक्सीन आदि पर काम होगा। इसका मुख्य केंद्र आइवीआरआइ होगा और इसके तीन सब-सेंटर भी बनाए जाएंगे।

    खबरें और भी

    वहीं, कुत्तों के लिए ट्रेड मिल टेस्ट की सुविधा दी जाएगी, जहां उसका हृदय कितना स्वस्थ है? इसकी भी जांच हो सकेगी। निर्माण को लेकर वैज्ञानिक भी उत्साहित हैं, उन्हें शोध को विस्तार देने का अवसर मिल सकेगा।


    यह भी पढ़ें- क्या आपने देखा है सफेद हिरण? बरेली के वन्य प्राणी उद्यान में बढ़ी दुर्लभ हिरणों की संख्या, जानें वजह